कैथल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से 23 साल पुराना कानूनी विवाद मध्यस्थता के जरिए हल हुआ है। यह सफलता सुप्रीम कोर्ट के 'समाधान समारोह' के तहत मिली है।
राकेश कथूरिया, कैथल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार और मध्यस्थ अरविंद खुरानिया के सार्थक प्रयासों से 23 वर्ष पुराने एक जटिल विवाद का सुखद अंत हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय में संविदा कर्मचारी को नियमित करने संबंधी यह मामला वर्षों से लंबित था, जिसे अब मध्यस्थता के माध्यम से सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संचालित ‘समाधान समारोह’ के तहत यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस समझौते से दोनों पक्ष न केवल पूरी तरह संतुष्ट हैं, बल्कि उन्होंने न्यायालय की इस सराहनीय पहल के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया है।
मध्यस्थता से मिली पुरानी समस्याओं से मुक्ति
सीजेएम कंवल कुमार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा करना है। मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझने से पक्षकारों के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहता है। यह मामला वर्षो से कानून की प्रक्रिया में उलझा हुआ था, लेकिन दोनों पक्षों की आपसी सहमति ने इसे मात्र कुछ समय में हल कर दिया। लोक अदालत और मध्यस्थता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें होने वाले फैसलों के खिलाफ अपील का कोई प्रावधान नहीं होता, जिससे विवाद का स्थायी समाधान सुनिश्चित होता है। साथ ही, नियमानुसार न्यायालय शुल्क की वापसी का लाभ भी पक्षकारों को मिलता है, जो उन्हें आर्थिक राहत भी प्रदान करता है।
आगामी लोक अदालत से समाधान का मौका
कंवल कुमार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन कर रहा है, जिसमें लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी संबंधित पक्षकारों से आह्वान किया कि वे इस समाधान समारोह और आगामी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। प्रशासन का प्रयास है कि कानूनी लड़ाई में समय और पैसा बर्बाद करने के बजाय आपसी समझौते को प्राथमिकता दी जाए। इस तरह के आयोजनों से न्यायपालिका का बोझ कम होता है और आम जनता को त्वरित न्याय प्राप्त होता है। सरकार और विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल न्याय प्रणाली को अधिक मानवीय और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

