Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओड़िशा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित गलतियों और गड़बड़ियों को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक समाप्त हो गई है। बैठक के बाद विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि पहली कक्षा की किताब में जिस त्रुटि को लेकर मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है, वास्तव में वैसी कोई गलती नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि छात्रों को जल्द ही सही और संशोधित संस्करण की नई पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

मंत्री गोंड ने कहा कि पहली कक्षा की पुस्तक में शामिल ‘निमुड़ा निनुड़ा’ कविता को लेकर मीडिया के कुछ वर्ग गलत और भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत छात्रों को व्यापक अनुभव देने के लिए अन्य राज्यों की कविताओं और सांस्कृतिक अंशों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।

किताबों की छपाई और वितरण प्रक्रिया को लेकर क्राइम ब्रांच की जांच पर जब पत्रकारों ने सवाल उठाया कि अगर कोई त्रुटि नहीं हुई है तो जांच क्यों चल रही है, तो मंत्री ने इस पर कोई स्पष्ट या सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने केवल इतना कहा कि पुस्तक निर्माण और छपाई प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।

प्रशासन की ओर से यह भी साफ किया गया है कि पठन-पाठन को सुचारू रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संशोधित पाठ्यपुस्तकें बहुत जल्द स्कूलों में वितरित कर दी जाएंगी।

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