मोगा। पंजाब सरकार के मिशन क्लीन पंजाब अभियान को धरातल पर मजबूत करने के लिए स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को मोगा शहर का औचक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) किया। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था बदहाल मिलने और खुले में कचरे के ढेर देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही बरतने के आरोप में मोगा नगर निगम के कमिश्नर को ‘कारण बताओ नोटिस’ (शो-कॉज नोटिस) जारी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

जमीनी हकीकत जानने सड़कों पर उतरे मंत्री

निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया और स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत कर सफाई व्यवस्था का फीडबैक लिया। कई जगहों पर हफ्तों से जमा कचरा देखकर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति राज्य सरकार द्वारा तय किए गए स्वच्छता मानकों के बिल्कुल विपरीत है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मिशन क्लीन पंजाब की शुरुआत शहरों को साफ, स्वस्थ और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की है। यह अभियान केवल सरकारी फाइलों और कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन पर इसके ठोस नतीजे दिखने चाहिए।

अधिकारियों की जवाबदेही तय, सुबह 7 बजे से फील्ड में उतरने के निर्देश

अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए मंत्री बैंस ने कहा कि जनता बेहतर नागरिक सुविधाओं की हकदार है। अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह खुद इस तकनीक-आधारित स्वच्छता अभियान की निगरानी कर रहे हैं। इस मुहिम के तहत अब नगर निगम कमिश्नरों से लेकर कार्यकारी अधिकारियों तक, सभी नागरिक अधिकारियों के लिए रोजाना सुबह 7 से 8 बजे तक फील्ड निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है।

10 किलोमीटर के जोन में बंटा शहर

सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए हर शहर को 10-10 किलोमीटर के विशेष जोन में विभाजित किया गया है। इन जोनों में स्वच्छता मानकों की निगरानी और अभियान को सही तरीके से लागू करने के लिए अलग से पर्यवेक्षी अधिकारी (सुपरवाइजर) नियुक्त किए गए हैं, जो दैनिक आधार पर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।