प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले का मोहनिया क्षेत्र इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और दुर्गावती डैम के फाटक खोले जाने के बाद स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नदी का उफान तेजी से रिहायशी इलाकों और ग्रामीण बस्तियों में तबाही मचा रहा है। हालात इतने विकट हो चुके हैं कि अब मोहनिया का मुख्य पावर हाउस भी इसकी जद में आ गया है, जिससे पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन स्थिति से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।

​दुर्गावती डैम और बारिश का दोहरा प्रहार

​मोहनिया और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ की मुख्य वजह लगातार आसमान से बरस रही आफत और ऊपर से दुर्गावती डैम से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी है। दुर्गावती नदी का जलस्तर असाधारण रूप से बढ़ गया है। नदी का यह उग्र रूप अब तटबंधों को पार कर सीधे गांवों और मोहल्लों में घुस चुका है। पानी के इस तेज बहाव के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश करने को मजबूर हैं।

​पावर हाउस डूबा, बिजली आपूर्ति पर मंडराया बड़ा खतरा

​बाढ़ के इस बढ़ते पानी ने प्रशासनिक और तकनीकी विभागों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। मोहनिया स्थित मुख्य पावर हाउस परिसर में बाढ़ का पानी घुस जाने से बिजली आपूर्ति कभी भी ठप होने का अंदेशा बना हुआ है। पानी के खतरे को कम करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। पावर हाउस के अंदर भरे पानी को बाहर निकालने के लिए तीन भारी-भरकम पंपिंग मोटरों को लगातार चलाया जा रहा है।
​स्थानीय ग्रामीण सोनू कुमार ने इस विकट स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि नदी का पानी सीधे पावर हाउस के अंदर आ चुका है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बिजली सेवाएं किसी भी समय पूरी तरह से बाधित हो सकती हैं। हालांकि पंप सेटों की मदद से पानी बाहर फेंका जा रहा है, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज है कि राहत कर्मियों के लिए हालात को नियंत्रित करना कठिन साबित हो रहा है।

​प्रशासन की चौकसी और एसडीआरएफ की तैनाती

​हालात की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि डैम से पानी छोड़े जाने के कारण निचले गांवों के घरों में पानी भर गया है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
​एसडीएम ने आगे बताया कि प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री वितरित करने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीम बुलाई गई है जो मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल रही है। इसके साथ ही पावर हाउस से पानी की निकासी के प्रयास जारी हैं। जब तक दुर्गावती डैम के फाटक पूरी तरह बंद नहीं होते और नदी का जलस्तर नीचे नहीं आता, तब तक बिजली आपूर्ति को सुचारू करना बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।