Bihar News: राजधानी पटना में कल छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सियासत गरमाती नजर आ रही है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग को लेकर अब नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी है। जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने इस घटनाक्रम को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। अनंत सिंह ने कहा कि, छात्रों को इस तरह से पीटना और उनपर लाठीचार्ज करना सही नहीं है।

छात्रों को मारने का कोई नियम नहीं- अनंत सिंह

दअरसल आज बुधवार (26, अगस्त) को जब पत्रकारों ने उनसे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सवाल किया तो अनंत सिंह ने कहा कि, छात्रों की मांगें जायज हैं या नहीं? यह एक अलग विषय है। लेकिन छात्रों पर लाठीचार्ज करना, उन्हें मारना…पिटना सही नहीं है। सरकार को उनकी मांगों को सुनना चाहिए। उनकी मांगों को सुनने के बाद सरकार उन्हें पूरा करे या नहीं यह उनका फैसला होगा। लेकिन छात्रों पर इस तरह से लाठीचार्ज करने और उन्हें मारने का कोई नियम नहीं है।

संजय सरावगी ने क्या कहा?

छात्रों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज पर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार छात्रों और नौजवानों के लिए हित की सरकार है। पहली बार PhD के छात्रों को राजभवन बुलाकर 3 घंटे तक बात हुई है और उसके साथ ही उनकी जायज मांगो को सुनकर कहा गया कि इसे हम सकारात्मक तरीके से देखेंगे। TRE-4 का जो मामला है, उसमें मुख्य सचिव ने खुद छात्रों को बुलाकर बात की है और छात्रों की जो भी सकारात्मक मांग है, उसे सरकार पूरी सकारात्मक तरीके से देख भी रही है और कर भी रही है।

राजनीतिक रोटी सेंक रहे तेजस्वी- संजय सरावगी

इस दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा और कहा कि, तेजस्वी छात्रों की चिंता नहीं है। वो इस चक्कर में हैं कि छात्र आंदोलन की आड़ में कैसे राजनीतिक रोटी सेंकी जाए? संजय सरावगी ने कहा कि, लालू यादव, राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थे और कई बार पेपर लीक हुआ, इन्होंने कोई कानून बनाया? इन्हें कोई मतलब नहीं था।

18 अगस्त से धरने पर बैठे हैं छात्र

गौरतलब है कि BPSC 70वीं की परीक्षा को रद्द कराने समेत अन्य कई मांगों को लेकर कल राजधानी पटना में छात्र सड़क पर थे। छात्रों ने गांधी मैदान से अपना मार्च शुरू किया और सीएम आवास का घेराव करने के लिए निकले। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को तोड़ दिया गया। हालांकि डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने छात्रों को रोक दिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उनपर वाटर कैनन का प्रयोग किया और लाठियां भी बरसाईं। इस दौरान कुछ छात्र और पुलिसकर्मी घायल भी हुए।

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