सहारनपुर में करीब 2.70 लाख रुपये के नोटों से सजी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरिद्वार से निकला करीब 10 कांवड़ियों का दल इसे लेकर जगाधरी-यमुनानगर जा रहा है और पुलिस सुरक्षा दे रही है।

सहारनपुर। सावन कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर से गुजर रही एक अनोखी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस कांवड़ को फूलों या झालरों के बजाय करेंसी नोटों से सजाया गया है और कांवड़ियों के मुताबिक, इसमें करीब 2 लाख 70 हजार रुपये के नोट लगाए गए हैं।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकला करीब 10 कांवड़ियों का दल सहारनपुर के रास्ते हरियाणा के जगाधरी-यमुनानगर की ओर बढ़ रहा है। कांवड़ पर 10 से 500 रुपये तक के नोट लगाए गए हैं। इसे देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग रुक रहे हैं।

भीड़ से बढ़ी चुनौती

नोटों से सजी कांवड़ को करीब से देखने और छूने के लिए कई लोग आगे बढ़ते हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कांवड़ियों को भी विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

कांवड़ियों के मुताबिक, रात में भी लोग इसे देखने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें रात के समय जागकर कांवड़ की निगरानी करनी पड़ती है।

पुलिस दे रही सुरक्षा

लाखों रुपये की करेंसी से सजी कांवड़ को देखते हुए सहारनपुर पुलिस भी सुरक्षा को लेकर सतर्क है। एसपी देहात मयंक पाठक के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद कांवड़ की लगातार निगरानी की जा रही है।

जिस थाना क्षेत्र से कांवड़ गुजरती है, वहां की पुलिस उसे अपनी सीमा तक एस्कॉर्ट करती है। इसके बाद अगले थाना क्षेत्र की पुलिस सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल लेती है। इस व्यवस्था के तहत कांवड़ के साथ चलने वाले पुलिसकर्मी भी थाना क्षेत्र बदलने पर बदल जाते हैं।

चार साल पहले शुरुआत

कांवड़िया मोनू के मुताबिक, नोटों से कांवड़ सजाने की शुरुआत करीब चार साल पहले हुई थी। पहली बार लगभग एक लाख रुपये के नोटों से कांवड़ सजाई गई थी और इसके बाद हर साल नोटों की संख्या और रकम बढ़ाई जाती रही।

मोनू ने बताया कि अगले साल कांवड़ को और भव्य बनाने की तैयारी है। उनकी योजना करीब पांच लाख रुपये की करेंसी से कांवड़ सजाने की है।

50 हजार की कांवड़

इसी दल में शामिल कांवड़िया जगदीप ने भी अपनी कांवड़ को करेंसी नोटों से सजाया है। उनकी कांवड़ पर करीब 50 हजार रुपये के नोट लगाए गए हैं और इसे तैयार करने में लगभग डेढ़ दिन का समय लगा।

करीब 10 कांवड़ियों का यह दल 5 अगस्त को हरिद्वार से रवाना हुआ था। दल का लक्ष्य 9 अगस्त तक जगाधरी-यमुनानगर पहुंचने का है।

कांवड़ियों का कहना है कि यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी लगातार उनके साथ मौजूद हैं। खासकर रात में भीड़ बढ़ने पर पुलिस की मौजूदगी से उन्हें नोटों से सजी कांवड़ को सुरक्षित आगे ले जाने में मदद मिल रही है।