सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी व्यवहार न्यायालय से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद, तीन सगे भाई सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर न्यायालय की कस्टडी से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और न्यायिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

​आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने खारिज की जमानत

​प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधुबनीघाट इलाके से जुड़ा हुआ है। यहां के रहने वाले तीन सगे भाई मुर्शी साह, हरि साह और हरेंद्र साह ने सोमवार को मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। उनके अधिवक्ताओं द्वारा अदालत में तुरंत जमानत के लिए औपचारिक आवेदन भी दाखिल किया गया था।
​मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत के समक्ष सुनवाई की गई, लेकिन न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। जमानत मिलने की उम्मीद टूटने के बाद तीनों भाइयों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

​सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर हुए फरार

​जब पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी तीनों आरोपियों को जेल भेजने के लिए कागजी कार्रवाई और कस्टडी की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षाकर्मियों को चकमा दे दिया। देखते ही देखते तीनों भाई न्यायालय परिसर से गायब हो गए।
​अचानक आरोपियों के फरार होने की जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद अन्य लोगों ने अदालत परिसर के कोने-कोने और आसपास के संभावित इलाकों में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।

​प्राथमिकी दर्ज और ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू

​घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के पीठ लिपिक जितेंद्र कुमार ने मंगलवार को स्थानीय नगर थाने में आधिकारिक आवेदन दिया। इस आवेदन के आधार पर पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस बड़ी चूक की तत्काल सूचना पीठासीन पदाधिकारी को भी दी गई है।
​नगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने मीडिया को जानकारी दी है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार भाइयों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

​सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

​अन्याय और कानून के मंदिर कहे जाने वाले कोर्ट की कस्टडी से तीन आरोपियों का इस तरह आसानी से फरार हो जाना मोतिहारी में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। पुलिस प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन तीनों भाइयों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे धकेलने की तो है ही, साथ ही इस बात की भी जांच करना है कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और वे पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर भागने में कैसे कामयाब रहे।