सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले में पुलिस ने नवजात शिशु की कथित खरीद-बिक्री के अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नवजात के माता-पिता, एक आशा कार्यकर्ता, बिचौलिया और बच्चे को खरीदने वाली महिला समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने न केवल मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है, बल्कि सौदे में इस्तेमाल किए गए डेढ़ लाख (1.50 लाख) रुपये नकद भी जब्त किए हैं।

​पुलिस की छापेमारी और आरोपियों की गिरफ्तारी

​मोतिहारी के स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने इस पूरे रैकेट का खुलासा किया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान कुल पांच लोगों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  • ​प्रमोद साहनी और उनकी पत्नी हिंदू देवी: ये दोनों हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कोबरा पकड़िया टोला के रहने वाले हैं और नवजात शिशु के माता-पिता बताए जा रहे हैं।
  • ​तान्या खातून उर्फ कुरैशा खातून: यह महिला नगर थाना क्षेत्र के बलुआ गोपालपुर की निवासी है, जिस पर बच्चा खरीदने का आरोप है।
  • ​शोभा सिंह: यह एक आशा कार्यकर्ता है, जिसकी संलिप्तता इस अवैध खरीद-फरोख्त में पाई गई है। यह घोड़ासहन थाना क्षेत्र के बगहा की रहने वाली है।
  • ​चिंता देवी: यह महिला लाइन बसवरिया की निवासी है और इस पूरे मामले में कथित बिचौलिया की भूमिका निभा रही थी।

​बरामदगी और पैसों की जब्ती

​कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सबसे बड़ी सफलता नवजात शिशु को सकुशल सुरक्षित बचाने में हासिल की है। इसके साथ ही, पुलिस ने कथित खरीद-बिक्री के सौदे में इस्तेमाल किए गए 1.50 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या यह कोई संगठित गिरोह है जो इस तरह के मामलों को अंजाम देता है।

​आगे की कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक कदम

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पांचों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस रैकेट के अन्य पहलुओं और इसके पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके। पूछताछ के बाद सभी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन ने बरामद किए गए नवजात शिशु को बाल कल्याण की आवश्यक प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों के तहत पूरी सुरक्षा और चिकित्सकीय देखरेख में रखा है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और स्वास्थ्य विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं।