कुंदन कुमार, पटना। बिहार में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE 4) से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर छात्र संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज विभिन्न छात्र संगठनों और छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हालात तब और गंभीर हो गए जब छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू कर दी।
सरकार पर संवादहीनता का आरोप
धरने पर बैठे छात्रों ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए साफ शब्दों में कहा कि सरकार उनकी समस्याओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन या सरकार की ओर से उनकी जायज मांगों पर किसी भी प्रकार की वार्ता या सुगबुगाहट तक शुरू नहीं की गई है, जिससे युवाओं में भारी निराशा और गुस्सा व्याप्त है।
प्रमुख मांगें: डोमिसाइल नीति और एकल परीक्षा
छात्रों की मुख्य और स्पष्ट मांग है कि बिहार में डोमिसाइल नीति को सख्ती से लागू किया जाए ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। इसके अलावा, शिक्षक नियुक्ति के लिए एकल परीक्षा आयोजित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों को अनावश्यक जटिलताओं से मुक्ति मिल सके।
कल होगा मुख्यमंत्री आवास का घेराव
आंदोलरत छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी सुधि नहीं ली और वार्ता का रास्ता नहीं अपनाया, तो उनका आंदोलन और तेज होगा। इसी क्रम में, कल सभी छात्र उग्र रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और अपनी आवाज सीधे हुक्मरानों तक पहुंचाएंगे।
बेरोजगारी पर टिकी तीखी प्रतिक्रिया
छात्रों ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज बिहार की सबसे बड़ी और विकराल समस्या बेरोजगारी है। यदि सरकार इस सबसे गंभीर मुद्दे पर भी युवाओं की बात सुनने को तैयार नहीं है, तो फिर आम जनता की भलाई और विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। युवाओं ने दो टूक कहा कि सरकार को हर हाल में उनकी मांगों को मानना ही होगा।


