सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण पुलिस द्वारा जनहित में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने एक बार फिर बड़ी सफलता दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 108 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी फोन उनके असली मालिकों को सुपुर्द कर दिए हैं।
तकनीकी अनुसंधान और CEIR का कमाल
इस अभियान की सफलता के पीछे पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक कार्यप्रणाली का बड़ा योगदान रहा है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जिला आसूचना इकाई और स्थानीय थानों के समन्वय से मोबाइल ट्रैकिंग का कार्य किया गया। कुल बरामद 108 मोबाइलों में से 30 फोन विशेष पुलिस अभियान के तहत ट्रैक किए गए, जबकि 78 मोबाइल भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से बरामद किए गए।
लाभान्वितों की सूची और जनता में विश्वास
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन 108 मोबाइल धारकों में 23 विद्यार्थी, 5 गृहिणी, 1 किसान, 2 सरकारी कर्मचारी, 13 व्यवसायी, 5 निजी क्षेत्र के कर्मचारी, 2 अधिवक्ता, 2 चालक, 9 मजदूर और अन्य वर्गों के 46 लोग शामिल हैं। फोन मिलने के बाद नागरिकों ने मोतिहारी पुलिस के इस मानवीय और त्वरित प्रयास की खुले दिल से सराहना की।
लगातार जारी है ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का सफर
’ऑपरेशन मुस्कान’ की यह सफलता कोई पहली बार नहीं है। इस मुहिम के तहत अब तक कुल 20 चरणों में पुलिस ने 1965 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 85 लाख 61 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिले में खोए हुए मोबाइल की बरामदगी के लिए विशेष अभियान आगे भी अनवरत चलता रहेगा। यह उपलब्धि न केवल मोतिहारी पुलिस की तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि इससे आम जनता और खाकी के बीच का भरोसा और भी मजबूत हुआ है। पुलिस का यह प्रयास साइबर अपराधों के दौर में तकनीक के सही इस्तेमाल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

