शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के रौद्र रूप और भारी बारिश के बीच संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से नागरिकों को बचाने के लिए विभाग ने त्रिस्तरीय (राज्य, संभाग और जिला स्तर) नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने साफ किया है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ये भी पढ़ें: सूखे की आहट से कांपे किसान! MP के 36 बांधों में पानी का अकाल; CM के अफसरों को कड़े निर्देश- ‘जनता को न हो परेशानी’
परियोजना अधिकारी संभालेंगे कमान: 24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम
आपदा प्रबंधन की इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं। जिलों में कंट्रोल रूम की पूरी कमान परियोजना अधिकारियों को सौंपी गई है जो सीधे जिलों के हालात पर पैनी नजर रखेंगे।
ये नियंत्रण कक्ष मौसम विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे, ताकि बारिश, वज्रपात या बाढ़ का अलर्ट मिलते ही तुरंत जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

जल निकासी से लेकर विस्थापन तक, निर्बाध मिलेंगी ये जीवनरक्षक सुविधाएं
आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देशों के मुताबिक यह त्रिस्तरीय व्यवस्था आपदा प्रभावित इलाकों में बिना किसी देरी के राहत पहुंचाएगी। इसके द्वारा जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट और आपातकालीन मशीनरी तैनात रहेगी।

ये भी पढ़ें: कुटीर एवं ग्रामोद्योग पोर्टल को मिला राष्ट्रीय सम्मान! CM डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई, उज्जैन ‘यूनिटी मॉल’ पर दिया बड़ा अपडेट!
जर्जर भवनों के गिरने की आशंका या निचले इलाकों में पानी भरने पर प्रभावित नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। विस्थापितों के लिए भोजन, शुद्ध पीने का पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई जाएंगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


