कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर में सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों की बदहाल व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने चिंता जताई है। ग्वालियर कलेक्ट्रेट में हुई बहुविभागीय बैठक में उन्होंने ग्रामीण इलाकों के स्कूलों और आंगनबाड़ियों की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ बच्चियों के टॉयलेट में कॉन्डम पड़े मिलने की बात भी उन्होंने कही। वहीं कई स्कूलों में न पीने का पानी मिला, न टॉयलेट और न ही सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल।

ग्वालियर कलेक्ट्रेट में मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा ने बहुविभागीय बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों और आंगनबाड़ियों की स्थिति को लेकर अधिकारियों के सामने गंभीर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीण सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीरों ने आयोग अध्यक्ष को भी हैरान कर दिया।

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टॉयलेट में मिले कॉन्डम और शराब की बोतलें

डॉ. निवेदिता शर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद कुछ स्कूलों में बच्चियों के टॉयलेट में कॉन्डम पड़े हुए देखे, साथ ही शराब की बोतलें। स्कूलों में साफसफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में बच्चों के लिए पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है, कई जगह टॉयलेट की स्थिति खराब है और सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तक नहीं है। सबसे गंभीर समस्या बच्चियों को पीरियड्स के दौरान हो रही परेशानी को लेकर सामने आई।

स्कूलों में नहीं है उचित सुविधाएं, 60 दिन तक बच्चियों की पढ़ाई प्रभावित

आयोग अध्यक्ष के मुताबिक बच्चियों ने शिकायत की कि स्कूलों में उचित टॉयलेट और सुविधाएं नहीं होने के कारण वे पीरियड्स के दौरान करीब 5 दिन तक स्कूल नहीं आ पातीं, इस हिसाब से साल में करीब 60 दिन तक बच्चियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं खराब टॉयलेट व्यवस्था के कारण कई बच्चियां स्कूल में करीब 6 घंटे तक टॉयलेट जाने से बचती हैं।

आंगनबाड़ी के पास मिला मरा हुआ सांप

आयोग अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि कई आंगनबाड़ियों में बच्चों के लिए न पर्याप्त टॉयलेट हैं और न ही पीने के पानी की व्यवस्था, कहीं जर्जर भवन मिले तो कहीं बेहद खराब साफ-सफाई की स्थिति सामने आई,उन्होंने एक आंगनबाड़ी के पास मरा हुआ सांप पड़े होने का भी जिक्र किया। डॉ. निवेदिता शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उन्होंने जिन जगहों का दौरा कर खुद बदहाल स्थिति देखी है, कम से कम उन स्थानों की व्यवस्थाएं अगली बैठक से पहले दुरुस्त होनी चाहिए।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बैठक के दौरान बाल संरक्षण को लेकर पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए गए। आयोग अध्यक्ष ने बाल संरक्षण अधिकारियों की थानेवार जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बच्चों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी और जवाबदेही स्पष्ट हो सके।इसके साथ गुमशुदा बच्चों के जल्द दस्तयाब को लेकर भी उन्होंने चर्चा की।

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आयोग अध्यक्ष ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि अगली बैठक तक स्कूलों और आंगनबाड़ियों में सामने आई कमियों को दूर किया जाए। अब देखना होगा कि अधिकारियों को मिले निर्देश के बाद ग्रामीण इलाकों के स्कूलों और आंगनबाड़ियों की बदहाल तस्वीर कितनी बदलती है।

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