दीपक कौरव, नरसिंहपुर। आज से नरसिंहपुर जिले के तमाम स्कूलों में नया सत्र शुरू हो जाएगा। शिक्षक अभी से शासकीय स्कूलों में जाने लगे हैं और तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन जिले में दर्जनों ऐसे स्कूल हैं जिनकी हालत खस्ताहाल है और जर्जर बिल्डिंग में स्कूल लगता है। जिसमें बारिश के समय में छत से पानी टपकता है तो कहीं-कहीं छत की प्लास्टर भी नीचे गिर जाती है। 

यह भी पढ़ें: SECL रिटायर्ड कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई पर ठगी का खेल, GNS फाइनेंस कंपनी के 5 लोगों पर FIR, SP ने जारी की चेतावनी

बता दें कि आगामी कुछ दिनों में मानसून प्रदेश में दस्तक दे देगा। जिसके साथ ही जर्जर स्कूल में पढने के लिए आने वाले बच्चों की जान का ख़तरा बढ़ जाएगा। पिछले साल भी बरसात में कई स्कूलों से अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आई थीं जहां टपकती छत से बचने के लिए बच्चों ने कहीं तिरपाल का सहारा लिया तो कहीं पर जर्जर भवन ही छोड़ दिया।

बरसात के मौसम में बच्चों को जान बचाने के लिए कभी-कभी खुले में पढ़ना पड़ता है तो कभी किराए पर कोई मकान लेना पड़ता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि शिक्षा व्यवस्था के लिए जारी होने वाले करोड़ों रूपए कहां खर्च हो रहे हैं? बच्चे कैसे पढ़ पाएंगे और जिले के आला अधिकारियों ने स्कूल के सरकारी जर्जर बिल्डिंगों की मरम्मत करवाने के लिए क्या व्यवस्था की है? 

यह भी पढ़ें: बैंक में सेंध लगाने की कोशिश नाकाम: ताला तोड़कर अंदर घुसा, लेकिन हाथ लगी गिरफ्तारी

मौके पर पहुंचकर लल्लूराम डॉट कॉम ने जायजा लाया तो शिक्षक, ग्राम पंचायत के सरपंच और सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल भवन की जर्जर व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। ऐसे में सवाल यह है कि भारत का भविष्य कैसे संवरेगा?

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m