संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क हादसे लगातार भयावह होते जा रहे हैं। हिट एंड रन मामलों में एनसीआरबी- 2024 की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। आंकड़ों की बात करें तो मध्यप्रदेश में हिट एंड रन के 9,260 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 10,130 लोगों की मौत हुई…. NCRB की रिपोर्ट ने प्रदेश की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के चलते प्रदेश की सड़कें लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि हिट एंड के मामलों में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB)की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हिट एंड रन के 9,260 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 10,130 लोगों की मौत हुई। अधिकतर कई मामलों में हादसों के बाद कई वाहन चालक मौके से फरार हो जाते हैं, जिससे घायलों को समय पर मदद नहीं मिल पाती और उनकी जान चली जाती है।
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प्रदेश में सबसे ज्यादा सड़क हादसों वाले शहरों में इंदौर भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में वर्ष 2024 के दौरान 320 सड़क दुर्घटनाओं में 325 लोगों की मौत दर्ज की गई। जानकार मानते है कि ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और कमजोर निगरानी व्यवस्था हादसों की बड़ी वजह बन रही है। हालांकि प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चला रहे हे, लेकिन हादसों के आंकड़े कम होने का नाम नहीं ले रहे।

