राकेश चतुर्वेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नीट परीक्षा का पेपर लीक मामले को लेकर एनएसयूआई ने उग्र प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ता डिप्टी सीएम के आवास का घेराव करने निकले थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वहीं एनएसयूआई ने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
एनएसयूआई के पदाधिकारी सहित कार्यकर्ता आज मंगलवार को रीवा में रैली निकाल कर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास का घेराव करने निकले थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिस दौरान भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारीयो के ऊपर वाटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा है। प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई के पदाधिकारीयों ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में भाजपा के ही करीबी लोग शामिल है, जिसके चलते ना तो भाजपा के नेता और ना ही सरकार के मंत्री इस मामले में कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।
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डिप्टी सीएम ने नहीं दिया बयान- NSUI
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई इतनी बड़ी घटना के बावजूद भी मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का छात्रों के पक्ष में अब तक कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। फिलहाल आज रीवा जिला इकाई एनएसयूआई छात्र संगठन के पदाधिकारीयों ने डिप्टी सीएम के आवास का घेराव करने का प्रयास किया है। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को कॉलेज चौराहे के पास ही रोक दिया और भीड़ पर काबू पाने वाटर कैनन का उपयोग किया।
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शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
विरोध प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के लोगों ने पहले शिक्षा बेचीं और अब पेपर बेच रहे हैं, बावजूद इसके जनप्रतिनिधि सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब घोटाला होगा, तब तक तब एनएसयूआई आंदोलन के लिए खड़ी रहेगी। फिलहाल एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री को पेपर लीक होने के मामले में जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देने की मांग की है।

