शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में हर घर तक साफ पीने का पानी पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी वित्तीय मदद मिलने जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार मध्य प्रदेश को 5,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी करेगी। इस राशि का मुख्य उद्देश्य राज्य में मार्च 2028 तक ‘हर घर नल-जल’ के लक्ष्य को पूरा करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में यह जानकारी साझा की।
मार्च 2028 तक हर घर तक पानी पहुंचाने का टारगेट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस राशि का सही और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जिन घरों में अब तक नल कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं, वहां मार्च 2028 की समयसीमा के भीतर पाइपलाइन बिछाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
‘ट्यूबवेल पर निर्भरता कम करें, तालाब रिचार्जिंग पर दें जोर’ – CM
बैठक में मुख्यमंत्री ने पेयजल संकट के स्थाई समाधान को लेकर विभाग को एक नया विजन और दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि केवल ट्यूबवेल खोदने से जल संकट का स्थाई समाधान नहीं हो सकता। विभाग को अब ट्यूबवेल पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे कम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने भूजल स्तर (Groundwater Level) को सुधारने के लिए तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों की रिचार्जिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जल संरचनाओं को पुनर्जीवित किया जाए ताकि पानी का संकट हमेशा के लिए खत्म हो सके।

