IRS Daughter Murder Case दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में हुई एक युवती की हत्या के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना ने जहां दिल्ली पुलिस को सतर्क कर दिया है, वहीं समाज में भी गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। पुलिस जांच में सामने आए शुरुआती तथ्यों के अनुसार, आरोपी राहुल मीणा पर आरोप है कि उसने बेहद कम समय करीब 41 मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने लॉकर खोलने के लिए मृतका के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करने की कोशिश की और पहचान छुपाने के लिए कपड़े बदलने जैसे कदम उठाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी से पूछताछ जारी है। अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध अपराध मानकर हर पहलू से जांच कर रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने वारदात के दिन की 41 मिनट की पूरी गतिविधि का विवरण दिया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच से जुड़े विवरण के मुताबिक, आरोपी राहुल मीणा को घर और सोसाइटी की पूरी जानकारी थी। बताया जा रहा है कि उसे यह भी पता था कि युवती के माता-पिता हर सुबह जिम जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे आरोपी सोसाइटी में दाखिल हुआ, जहां कुछ स्थानीय ड्राइवरों और एक दुकानदार ने उसे टोका भी। उनसे पूछे जाने पर उसने कथित तौर पर काम ढूंढने का बहाना बनाया और लोगों को गुमराह कर दिया। इसके बाद, पुलिस जांच के अनुसार, वह सुबह करीब 6:39 बजे एक्स्ट्रा चाबी की मदद से घर के भीतर प्रवेश कर गया। पुलिस अब इस पूरी टाइमलाइन की तकनीकी और फॉरेंसिक तरीके से पुष्टि करने में जुटी है।

पढ़ाई कर रही बेटी पर हमला और दरिंदगी

जांच अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय पीड़िता UPSC की तैयारी कर रही थी और अपने स्टडी रूम में पढ़ाई कर रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राहुल मीणा पर आरोप है कि वह घर के अंदर पहले से मौजूद योजना के तहत दाखिल हुआ था। बताया गया है कि उसने घर में घुसने के बाद सीधे स्टडी रूम का रुख किया, जहां पीड़िता उस समय अध्ययन कर रही थी। आरोपी ने पीड़िता को काबू में करने की कोशिश की, जिसके दौरान संघर्ष की स्थिति बनी। इस दौरान उसने पास में रखी किसी भारी वस्तु से हमला करने का भी आरोप है, जिससे पीड़िता बेहोश हो गई। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से गंभीर अपराध को अंजाम दिया। साथ ही यह भी सामने आया है कि वह पहले से घर में लूटपाट की नीयत से आया था और उसे यह जानकारी थी कि घर का लॉकर थंब इंप्रेशन सिस्टम से खुलता है।

लाश के फिंगरप्रिंट से लॉकर खोलने की कोशिश

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात में न सिर्फ हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं, बल्कि लूट की नीयत भी एक अहम कारण बताई जा रही है। जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, आरोपी राहुल मीणा ने वारदात के बाद पीड़िता को स्टडी रूम से नीचे कमरे तक घसीटा, जहां घर का लॉकर रखा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पहले फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक सिस्टम से लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन कथित रूप से पीड़िता की मृत्यु के बाद यह प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी। इसके बाद, जांच के अनुसार, आरोपी ने पेचकस जैसे औजार की मदद से लॉकर तोड़ दिया और उसमें रखे करीब 2.5 लाख रुपये नकद और जेवरात लेकर फरार हो गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी राहुल मीणा पर आरोप है कि घटना के दौरान उसके कपड़ों और जूतों पर खून के छींटे लग गए थे। जांच में दावा किया गया है कि पकड़े जाने से बचने के लिए उसने घर में रखे मृतका के भाई के कपड़े पहने और अपने जूते बदल दिए। सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद उसने चप्पल पहनकर घर से बाहर निकलने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि यह पूरी गतिविधि सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। जांच के अनुसार, आरोपी को सुबह करीब 7:20 बजे घर से बाहर निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

अपराध का बैकग्राउंड: सट्टेबाजी और अलवर कांड

आरोपी राहुल मीणा को कम उम्र से ही ऑनलाइन जुए और गेमिंग की लत लग गई थी। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि वह कथित तौर पर ऑनलाइन “3 पत्ती” जैसे गेम्स खेलकर पैसे कमाने की कोशिश करता था। इसी दौरान, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का व्यवहार और सामाजिक संबंध भी संदिग्ध रहे हैं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि वह महिलाओं से जुड़े मामलों में अनुचित गतिविधियों में शामिल रहा है और इसी पैटर्न को लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसके अलावा, पुलिस सूत्रों के अनुसार, 21 अप्रैल को अलवर में भी आरोपी के खिलाफ एक अलग घटना का आरोप सामने आया है, जिसमें एक महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि पुलिस इस पूरे मामले की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

ऐसे पकड़ाया कातिल

आरोपी राहुल मीणा वारदात के बाद करीब 2.5 लाख रुपये नकद और जेवर लेकर फरार हो गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कई विशेष टीमें गठित कर इलाके के सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी के पास अपना मोबाइल फोन नहीं था। पुलिस के मुताबिक, वह राजस्थान के अलवर में पहले की एक घटना के दौरान एक मोबाइल फोन चोरी करके लाया था और उसी डिवाइस का इस्तेमाल कर वह लगातार अपनी लोकेशन बदलने और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। इसके अलावा, जांच में होटल के WiFi नेटवर्क और इंस्टाग्राम चैट भी महत्वपूर्ण डिजिटल सुराग के रूप में सामने आए हैं। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और मूवमेंट को ट्रैक किया।

 होटल के WiFi से इंस्टाग्राम चला रहा था आरोपी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी वारदात के बाद दिल्ली के द्वारका इलाके के एक होटल में छिपा हुआ था, जहां वह होटल के WiFi नेटवर्क का उपयोग कर इंटरनेट चला रहा था। इसी दौरान वह अपने गुरुग्राम में रहने वाले एक रिश्तेदार से इंस्टाग्राम मैसेंजर के जरिए लगातार संपर्क में था। जांच में पुलिस ने इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) और डिजिटल सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण ने भी उसकी मौजूदगी की पुष्टि में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपी के रिश्तेदार से पूछताछ कर भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं, जिससे जांच को दिशा मिली। इन सभी डिजिटल और फिजिकल सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची और उसे द्वारका के होटल से गिरफ्तार कर लिया।

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