चंकी बाजपेयी, इंदौर। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने को लेकर सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने जनसंवाद और सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत इंदौर से हुई, जहां जाल सभागृह में आयोजित की गई है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को समान नागरिक कानून संहिता की बैठक हुई। जिसमें सभी वर्ग के लोगों ने अपनी राय रखी। मुस्लिम समाज ने जहां UCC का विरोध किया। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 4 शादी और 24 बच्चे करने को लेकर बड़ा बयान दिया। 

एक मुस्लिम शख्स ने कहा, आज समान नागरिक संहिता कानून इस्लाम धर्म में खिलाफ है। मुस्लिम धर्म में शरीयत और कुरान के हिसाब से कानून दिया है। औरत का और लड़कियों का हक अलग किया है। वहीं इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस बयान पर पलटवार किया है। संविधान के हिसाब से कानून चलाना चाहिए। 

उन्होंने कहा, देश में हर व्यक्ति पर एक जैसे कानून लागू हो। हमारे संविधान में देश में किसी को यह इजाजत नहीं है कि वह 4 शादी करे और 24 बच्चे पैदा करें। कोई अपना कानून लागू करे।  सभी को अपने-अपने अधिकार मिले। महापौर ने संविधान में दिए हुए कानून की धाराओं के तहत तर्क रखें। बता दें कि इंदौर के जाल सभागृह में समान नागरिक संहिता के अध्ययन और परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई थी। 

दरअसल सरकार की मंशा है कि प्रदेश में लागू होने वाले समान नागरिक संहिता कानून में सभी की सहमति और एकता का संदेश देते हुए इसे लागू किया जाए। इसको लेकर उच्च स्तरीय एक समिति का गठन किया गया जिसमें कई वरिष्ठों को इसमें शामिल किया गया। जिनके द्वारा विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित कर सामूहिक रूप से चर्चा की जाती है। इसी के तहत इंदौर में भी एक बैठक हुई जिसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने अपने सुझाव रखे। 

अधिकांश वक्ताओं ने यूसीसी का समर्थन किया, वहीं मुस्लिम समाज के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उनके लिए शरीयत कानून सर्वोपरि है और वे तीन तलाक कानून को भी नहीं मानते। उन्होंने संविधान में बदलाव किए जाने पर भी सवाल उठाए, जिसके बाद बैठक में मौजूद लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। 

विधायक मालिनी गौड़ ने यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा कि देश में एक समान कानून लागू होना चाहिए और देश में रहकर उसके कानून का विरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यूसीसी लागू होने से महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों में कमी आएगी और “एक देश, एक कानून” की भावना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लागू होने वाले कानून का सभी को पालन करना होगा। समिति अब प्रदेश के अन्य शहरों में भी सुझाव लेगी और 15 जून तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m