Business Desk – Mutual Fund Investment : म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले अधिकांश निवेशक किसी स्कीम का पिछले तीन या पांच वर्षों का रिटर्न देखकर निवेश का फैसला कर लेते हैं. लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि केवल रिटर्न के आधार पर किसी फंड को बेहतर मान लेना बड़ी गलती हो सकती है.

कई बार दो फंड लगभग समान रिटर्न देते हैं, लेकिन उनमें शामिल जोखिम का स्तर बिल्कुल अलग होता है. ऐसे में निवेशकों को सिर्फ रिटर्न नहीं बल्कि रिस्क-एडजस्टेड परफॉर्मेंस पर भी ध्यान देना चाहिए. हाल ही में JM Flexi Cap Fund और Parag Parikh Flexi Cap Fund के आंकड़ों ने यह साबित किया है कि ज्यादा रिटर्न देने वाला फंड हमेशा बेहतर विकल्प नहीं होता.
रिटर्न में आगे, लेकिन जोखिम में भी ज्यादा
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार JM Flexi Cap Fund ने लगभग 17.96% का वार्षिक रिटर्न दिया है, जबकि Parag Parikh Flexi Cap Fund का रिटर्न 15.31% रहा. पहली नजर में देखने पर JM Flexi Cap बेहतर दिखाई देता है क्योंकि उसका रिटर्न अधिक है.
लेकिन जब निवेश से जुड़े जोखिम के आंकड़ों को देखा जाता है तो तस्वीर बदल जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार निवेश का मूल्यांकन केवल रिटर्न से नहीं बल्कि उस रिटर्न को हासिल करने के लिए लिए गए जोखिम से भी किया जाना चाहिए.
Standard Deviation से समझिए असली जोखिम
किसी म्यूचुअल फंड के रिटर्न में कितना उतार-चढ़ाव रहता है, इसे स्टैंडर्ड डिविएशन (Standard Deviation) से मापा जाता है. पिछले तीन वर्षों में Parag Parikh Flexi Cap Fund का स्टैंडर्ड डिविएशन 9.91 रहा, जबकि JM Flexi Cap Fund का 17.44 दर्ज किया गया.
इसका मतलब है कि JM Flexi Cap Fund के रिटर्न में काफी अधिक अस्थिरता रही. सरल शब्दों में कहें तो निवेशकों को इस फंड में ज्यादा उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा, जबकि Parag Parikh Flexi Cap Fund अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन करता रहा.
Beta Ratio बताता है बाजार के साथ कितना हिलेगा फंड
बीटा (Beta) यह दर्शाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव होने पर फंड कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है. JM Flexi Cap Fund का बीटा 1.05 है, जिसका मतलब है कि बाजार में तेजी या गिरावट होने पर यह फंड बाजार से थोड़ा ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखा सकता है. वहीं Parag Parikh Flexi Cap Fund का बीटा केवल 0.60 है. इसका अर्थ है कि बाजार में गिरावट आने पर यह फंड अपेक्षाकृत कम प्रभावित हो सकता है और निवेशकों के पूंजी संरक्षण में मदद कर सकता है.
Sharpe Ratio से पता चलता है असली प्रदर्शन
शार्प रेशियो (Sharpe Ratio) किसी फंड के रिस्क के मुकाबले मिलने वाले रिटर्न को मापता है. जितना अधिक शार्प रेशियो होगा, उतना बेहतर माना जाता है. आंकड़ों के अनुसार Parag Parikh Flexi Cap Fund का शार्प रेशियो 0.93 है, जबकि JM Flexi Cap Fund का शार्प रेशियो 0.72 है. यह दर्शाता है कि Parag Parikh ने कम जोखिम लेकर बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न दिया है. यानी निवेशकों को कम उतार-चढ़ाव के साथ बेहतर प्रदर्शन मिला.
Sortino Ratio में भी Parag Parikh आगे
सॉर्टिनो रेशियो (Sortino Ratio) विशेष रूप से गिरावट के जोखिम को मापता है. यह बताता है कि किसी फंड ने नकारात्मक परिस्थितियों में कितना अच्छा प्रदर्शन किया. Parag Parikh Flexi Cap Fund का सॉर्टिनो रेशियो 1.26 रहा, जबकि JM Flexi Cap Fund का 0.95 दर्ज किया गया. यह संकेत देता है कि बाजार में कमजोरी के दौरान Parag Parikh Fund ने निवेशकों को अपेक्षाकृत बेहतर सुरक्षा प्रदान की.
Alpha Ratio क्या कहता है?
अल्फा (Alpha) किसी फंड मैनेजर की वास्तविक क्षमता को दर्शाता है. यह बताता है कि फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में कितना अतिरिक्त रिटर्न कमाया. Parag Parikh Flexi Cap Fund का अल्फा 4.38 रहा, जबकि JM Flexi Cap Fund का अल्फा 4.21 दर्ज किया गया.
दोनों फंड्स का अल्फा लगभग समान है. इसका मतलब यह है कि JM Flexi Cap Fund का अतिरिक्त रिटर्न मुख्य रूप से अधिक जोखिम लेने की वजह से आया, न कि किसी असाधारण फंड मैनेजमेंट रणनीति के कारण.
निवेश से पहले इन Risk Parameters को जरूर देखें
Standard Deviation – रिटर्न में अस्थिरता कितनी है.
Beta Ratio – बाजार के मुकाबले फंड कितना उतार-चढ़ाव करता है.
Sharpe Ratio – जोखिम के मुकाबले मिलने वाला रिटर्न.
Sortino Ratio – गिरावट के दौरान फंड का प्रदर्शन.
Alpha Ratio – फंड मैनेजर की वास्तविक क्षमता.

