मुजफ्फरपुर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भी काफी तेज हो गया है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और शहर में जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन उग्र होने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए गृह विभाग की विशेष शाखा ने मुजफ्फरपुर के टाउन-1 और टाउन-2 पुलिस सब-डिवीजन क्षेत्रों में अगले तीन दिनों के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।

​24 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध और ड्रोन से निगरानी

​गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम समेत करीब 24 मैसेजिंग और सोशल नेटवर्किंग सेवाओं के जरिए किसी भी प्रकार के संदेश, फोटो, वीडियो या डिजिटल सामग्री के प्रसारण पर रोक रहेगी। हालांकि, सरकारी कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली अधिकृत इंटरनेट सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
​प्रशासन किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा खुद पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सीसीटीवी कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

​उग्र प्रदर्शन के दौरान हुआ सरकारी संपत्ति का नुकसान

​गुरुवार को कल्याणी चौक से शुरू हुआ छात्रों का मार्च पानी टंकी चौक, मिठनपुरा, मोतीझील और सदर अस्पताल से होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा था। इसके अलावा आरडीएस कॉलेज से निकला दूसरा जुलूस हरिसभा चौक के रास्ते कल्याणी चौक पहुंचा।
​प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर स्थिति बिगड़ गई। कलेक्ट्रेट गेट, कंपनीबाग रोड, मोतीझील पुल और कल्याणी चौक के पास बैरिकेडिंग, गोलंबर, सरकारी होर्डिंग, बैनर और पुलिस पिकेट को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचे इस नुकसान को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।

​8 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, डीएम को सौंपा ज्ञापन

​हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए प्रदर्शन के दौरान उत्पात मचाने वाले 8 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। दूसरी ओर, छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कुमार गौरव से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
​ज्ञापन में नीट पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई करने और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। डीएम कुमार गौरव ने आश्वासन दिया कि छात्रों के इस ज्ञापन को उचित माध्यम से संबंधित विभाग के पास भेज दिया जाएगा।

​एसएसपी की लोगों से शांति की अपील

​गुरुवार देर रात करीब 10:45 बजे मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता और छात्रों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और शहर में अधिकांश छात्रों ने शांतिपूर्ण व संयमित तरीके से अपनी बात रखी।
​साथ ही एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।