मुजफ्फरपुर। जिले से विश्वासघात की एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने सेना के बीच आपसी भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां अहियापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक रिटायर्ड आर्मी जेसीओ (JCO) मुकेश कुमार सिंह के साथ उनके ही एक पूर्व साथी ने ₹32 लाख की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। आरोपी ने ‘सेना की वर्दी’ की कसम खाकर पीड़ित का भरोसा जीता और फिर उन्हें निवेश के जाल में फंसाकर जीवन भर की जमापूंजी हड़प ली।

​कश्मीर की दोस्ती, रिटायरमेंट के बाद बनी जाल

​पीड़ित मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि उनकी पहचान आरोपी से साल 2016-17 में जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। उस समय दोनों एक साथ ड्यूटी करते थे। हालांकि, बाद में मुकेश का तबादला सिकंदराबाद हो गया और दोनों के बीच संपर्क टूट गया। मुकेश के रिटायर होने के बाद आरोपी ने अचानक उनसे संपर्क किया और पुरानी दोस्ती का वास्ता देते हुए उन्हें ई-रिक्शा के व्यवसाय में निवेश का लालच देना शुरू किया।

​’वर्दी की कसम’ देकर जीता विश्वास

​जब मुकेश कुमार को निवेश को लेकर थोड़ा संदेह हुआ, तो आरोपी ने भावुक कार्ड खेलते हुए कहा, मैं भी सेना का जवान हूं, आप मुझ पर और इस वर्दी पर भरोसा कीजिए। इस एक वाक्य ने पीड़ित का दिल जीत लिया। आरोपी उन्हें भागलपुर ले गया और वहां एक ई-रिक्शा एजेंसी दिखाई। भरोसे को पुख्ता करने के लिए बकायदा एक कानूनी ‘डीड’ भी तैयार करवाई गई। इसके बाद मुकेश कुमार और उनकी पत्नी ने कुल मिलाकर ₹32 लाख की राशि चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।

​कौन है मुख्य आरोपी?

​पीड़ित के अनुसार, ठगी का मुख्य मास्टरमाइंड भागलपुर जिले के नवगछिया का रहने वाला मनोज कुमार है। हैरान करने वाली बात यह है कि मनोज वर्तमान में भी भारतीय सेना में ‘नायक’ के पद पर तैनात है। पैसे मिलने के कुछ समय बाद ही उसने मुकेश का फोन उठाना बंद कर दिया और धीरे-धीरे पूरी तरह गायब हो गया। जब पीड़ित ने छानबीन की, तो पता चला कि भागलपुर और सिवान की जिन एजेंसियों के नाम पर पैसे लिए गए थे, वे महज एक दिखावा थीं।

​सैनिकों को ही शिकार बनाने वाला संगठित गिरोह

​मुकेश कुमार सिंह ने आशंका जताई है कि यह किसी बड़े गिरोह का काम हो सकता है जो खास तौर पर उन सैनिकों को निशाना बनाता है, जिनकी रिटायरमेंट करीब होती है। उन्हें पता चला है कि दरभंगा और आरा के दो अन्य जवान भी मनोज कुमार की इसी तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। फिलहाल, पीड़ित न्याय की गुहार लगाते हुए अधिकारियों के पास पहुंचे हैं और अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाने की कोशिश में जुटे हैं।