प्रदीप मालवीय, उज्जैन। उज्जैन की राज रॉयल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर शाम करीब 4 बजे अहमदाबाद से एम्बुलेंस के जरिए उनके निवास पहुंचा। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र का माहौल गमगीन हो गया।
मंजूर अहमद की विदेश (कुवैत) में हुई मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर भारत लाया गया। वे अपने भांजे की शादी में शामिल होने भारत लौट रहे थे, लेकिन परिवार जिस शख्स के स्वागत की तैयारियां कर रहा था, वह पार्थिव शरीर बनकर घर पहुंचा। शव के उज्जैन पहुंचने की सूचना मिलते ही मंजूर अहमद के घर पर रिश्तेदारों, परिचितों और समाजजनों का तांता लग गया। बड़ी संख्या में लोग अंतिम बार मंजूर को देखने के लिए पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
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परिजनों और समाजजनों की मौजूदगी में मंजूर अहमद का अंतिम बार चेहरा दिखाया गया, जिसके बाद उनका जनाजा निकाला गया। नम आंखों के साथ लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। बाद में बेगमपुरा कब्रिस्तान में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बताया जा रहा है कि मंजूर अहमद (50) पिछले करीब 30 वर्षों से खाड़ी देश में रहकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। वे अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए घर लौट रहे थे।
परिजनों के अनुसार, मंजूर अहमद की फ्लाइट कुवैत से मुंबई के लिए थी। वे कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल पर अपनी उड़ान का इंतजार कर रहे थे, तभी हुए हमले की चपेट में आ गए। इस घटना में उनकी मौत हो गई। मंगलवार शाम को परिजनों से उनकी आखिरी बार बात हुई थी, जिसके कुछ घंटों बाद मौत की खबर घर पहुंची और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिवार के मुताबिक, मंजूर अहमद हमेशा अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार की खुशियों के लिए विदेश में मेहनत करते रहे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह का संकट खड़ा हो गया है।

