रोहित कश्यप, मुंगेली। नाग पंचमी के दिन मुंगेली जिले के जरहागांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर इंडियन स्पेक्टकल कोबरा यानी भारतीय नाग दिखाई दिया। घर में सांप होने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग घबरा गए और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर करीब 15 वर्षों से सर्प रेस्क्यू का काम कर रहे सर्पमित्र सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक कोबरा का रेस्क्यू किया।

डिब्बे में सुरक्षित रखा गया कोबरा

जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत जरहागांव निवासी परमेंद्र के घर में कोबरा सांप निकला था। सर्पमित्र सुरेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के साथ सांप को पकड़ा और उसे एक डिब्बे में सुरक्षित रखा। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। कई लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।

नाग पंचमी के चलते की गई पूजा-अर्चना

कोबरा के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद नाग पंचमी होने के कारण स्थानीय लोगों ने उसे धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए नाग देवता के रूप में पूजा-अर्चना की। इस दौरान सांप को दूध से स्नान कराया गया, नारियल चढ़ाया गया और दान अर्पित कर लोगों ने प्रणाम किया।

पूजा-अर्चना के बाद सर्पमित्र ने कोबरा को सुरक्षित तरीके से आबादी से दूर प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

देखें VIDEO

15 वर्षों से कर रहे हैं सर्प रेस्क्यू

सर्पमित्र सुरेंद्र कुमार पिछले करीब 15 वर्षों से सांपों के रेस्क्यू का काम कर रहे हैं। इस दौरान वे अब तक 500 से अधिक जहरीले और गैर-जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़कर प्राकृतिक स्थानों पर छोड़ चुके हैं। घरों के अलावा स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सांप निकलने की सूचना मिलने पर भी वे मौके पर पहुंचते हैं।

सुरेंद्र बताते हैं कि लंबे समय तक उनके पास सर्प रेस्क्यू के लिए जरूरी किट और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद वे लोगों की मदद के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर सांपों का रेस्क्यू करते रहे। उनके इसी निःस्वार्थ कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय मुख्य समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।

लोगों से सांप नहीं मारने की अपील

सर्पमित्र सुरेंद्र कुमार लगातार लोगों को जागरूक करते हैं कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय प्रशिक्षित सर्पमित्र या संबंधित विभाग को सूचना दी जाए। सांप पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनका संरक्षण जरूरी है।

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार सांप को दूध पिलाना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं माना जाता। सर्प रेस्क्यू के दौरान लोगों को सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और उसे खुद पकड़ने या उसके साथ किसी तरह का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

आस्था के साथ सर्प संरक्षण का संदेश

जरहागांव में नाग पंचमी के दिन हुई यह घटना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सर्प संरक्षण को लेकर भी चर्चा में है। एक ओर स्थानीय लोगों ने कोबरा को नाग देवता के रूप में पूजा, वहीं दूसरी ओर सर्पमित्र सुरेंद्र कुमार ने उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर प्राकृतिक स्थान पर छोड़कर लोगों को सांपों के संरक्षण का संदेश दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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