वीरेंद्र कुमार, नालंदा। एक पिता पर अपने ही 4 वर्षीय बीमार मासूम बेटे की जान लेने का गंभीर आरोप लगा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बीमारी के चलते बच्चे से अनजाने में बिस्तर पर शौच और पेशाब हो जाने पर पिता इतना गुस्से में आ गया कि उसने मासूम को बेरहमी से थप्पड़ जड़ दिए। इस कथित मारपीट के बाद बच्चा जमीन पर गिर पड़ा और अंततः इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और हर कोई स्तब्ध है।

​कुपोषण और गंभीर बीमारी से जूझ रहा था मासूम सोनू

​पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाले 4 वर्षीय मासूम की पहचान नालंदा जिले के तेलमर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बथानी पर गांव निवासी सुनील मांझी के बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बच्चा पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार कुपोषण और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। परिवार वाले अपनी क्षमता के अनुसार उसका स्थानीय स्तर पर इलाज भी करवा रहे थे, लेकिन उसकी शारीरिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आ पा रहा था।

​शौच-पेशाब करने पर खोया आपा, पिता पर लगे थप्पड़ मारने के आरोप

​घटना के दिन मासूम सोनू सामान्य दिनों की तरह घर में खाना खा रहा था। अत्यधिक कमजोरी और बीमारी के कारण वह अपनी जगह से उठने में असमर्थ था, जिसके चलते वहीं उससे शौच और पेशाब हो गया। आरोप है कि इस परिस्थिति से नाराज होकर उसके पिता सुनील मांझी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया और गुस्से में आकर बीमार बच्चे पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। परिजनों के अनुसार, पिता द्वारा मारे गए थप्पड़ों के प्रहार से कमजोर बच्चा अचानक जमीन पर धड़ाम से गिर पड़ा और उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।

​अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में हुई मौत

​घटना के बाद जब परिवार के लोगों को अहसास हुआ कि बच्चे की स्थिति गंभीर हो गई है, तो पिता उसे लेकर फौरन अस्पताल दौड़े। पिता का दावा है कि वे बच्चे को लेकर सबसे पहले कल्याण बिगहा गए और बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां के चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। हालांकि, बच्चे की मौत असल में किस वजह से हुई है, इसका खुलासा पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

​पुलिस को चकमा देने के लिए शव को सुनसान जगह पर फेंका

​यह मामला केवल एक मासूम की मौत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद जो हुआ उसने इस पूरी घटना को और भी अधिक संदिग्ध और क्रूर बना दिया। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस या प्रशासन को सूचना देने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने पुलिस की नजरों से बचने और घटना को छिपाने के लिए मासूम के शव को गांव से दूर किसी सुनसान और वीरान जगह पर ले जाकर फेंक दिया।

​ग्रामीणों की सजगता से खुला राज, पुलिस ने बरामद किया शव

​जब ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी कि बच्चे का शव इस तरह सुनसान जगह पर फेंका गया है, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया और भारी हंगामा शुरू हो गया। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय तेलमर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेलमर थानाध्यक्ष चन्द्रशेखर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है।

​पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

​इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलमर थानाध्यक्ष चन्द्रशेखर ने बताया कि पुलिस इस घटना के हर एक पहलू और एंगल की बेहद बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस इस मामले को हत्या, गैर-इरादतन हत्या और सबूत मिटाने या साक्ष्य छिपाने जैसे गंभीर अपराधों के दायरे में रखकर देख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक बच्चे के परिजनों की तरफ से मिलने वाले लिखित आवेदन और पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी को सजा मिल सके।