दीपक कौरव, नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा से देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा जुड़ी हैं। मां नर्मदा देश की एकमात्र ऐसी नदी है जिनकी परिक्रमा करने का विधान है। इसी क्रम में भक्ति और संकल्प की एक ऐसी ही अद्भुत और विहंगम तस्वीर सामने आई है। दरअसल श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार के एक साधक संत मां नर्मदा की 3,600 किलोमीटर की कठिन परिक्रमा पैदल नहीं बल्कि अपने हाथों के बल पर कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: रतलाम-कोटा पैसेंजर पर गिरा 25,000 KV का तार! चलती ट्रेन से कूदे यात्री, टला बड़ा हादसा

अमरकंटक से उठाई परिक्रमा, हाथों में पड़े बड़े-बड़े निशान

साधक संत ने मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से इस अति-दुर्लभ और कठिन परिक्रमा का संकल्प लिया था। निरंतर हाथों के बल चलने के कारण उनके हाथों में बड़े-बड़े निशान और छाले पड़ चुके हैं लेकिन मां नर्मदा के प्रति अटूट आस्था के आगे यह शारीरिक पीड़ा भी बौनी साबित हो रही है। हाल ही में जब इस अनोखी यात्रा का आगमन नरसिंहपुर जिले के करेली बस्ती में हुआ तो संत के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा।

ये भी पढ़ें: खाकी पर लगा अवैध वसूली का दाग: कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर शिकंजा, जबलपुर ASP अनु बेनीवाल को सौंपी जांच

‘विश्व कल्याण’ के लिए महासाधना

संत की इस कठिन यात्रा में उनके साथ चल रहे साथी संतों ने बताया कि इस अत्यंत दुर्लभ परिक्रमा का एकमात्र उद्देश्य विश्व का कल्याण, सनातन संस्कृति का संवर्धन और मानव जाति की सुख-समृद्धि है। संत का मानना है कि मां नर्मदा की कृपा और शक्ति के बल पर ही यह असंभव सा दिखने वाला संकल्प पूरा हो रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m