सऊदी अरब पर हूतियों का कहर जारी है। सऊदी की राजधानी रियाद में शनिवार को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की। हालांकि, मिसाइल को रास्ते में ही रोक दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इस हमले की वजह से कई उड़ानों में काफी देरी हुई और कुछ उड़ानें रद्द की गईं। आग और धमाकों की वजह अभी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक में आग लग गई थी।

सऊदी और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी

जानकारी हो कि, हूतियों ने पहले कहा था वो कि लाल सागर में सऊदी के जहाजों और सऊदी का तेल ले जाने वाले जहाजों को वे अब भी टारगेट करेंगे। हूतियों की दलील है कि यमन पर सऊदी अरब की नाकेबंदी और सैन्य कार्रवाई के चलते उसके जहाजों को निशाना बनाना उनका अधिकार है। सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच यह जंग असल में ताकत, सुरक्षा और इलाके में अपने दबदबे की लड़ाई है। हूती यमन की सत्ता पर पूरा कब्जा चाहते हैं, जबकि सऊदी अरब अपने पड़ोस में किसी भी ऐसे हथियारबंद गुट को बर्दाश्त नहीं करना चाहता।

सऊदी अरब और यमन की सीमा आपस में सटी हुई है। सऊदी हमेशा से चाहता रहा है कि उसके बॉर्डर पर शांति रहे। लेकिन हूतियों के पास भारी हथियार, मिसाइलें और लड़ाकू ड्रोन आ गए हैं। सऊदी सरकार को लगता है कि अगर उसके ठीक बगल में इतना आक्रामक गुट रहेगा, तो उसकी अपनी सुरक्षा कभी पक्की नहीं हो सकती।

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया अलर्ट

इधर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने और अमेरिकी हितों को खतरा होने की वजह से अमेरिका ने पश्चिम एशिया के देशों के लिए STEP (Smart Traveler Enrollment Program) अलर्ट जारी किया है। इसमें अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इस इलाके की यात्रा करने या वहां से गुजरने के बारे में अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। नागरिकों से (STEP) पर तुरंत रजिस्टर करने का आग्रह किया गया है, ताकि उन्हें पल-पल की सूचनाएं और सुरक्षा अपडेट्स मिल सकें।

हूतियों से सऊदी को अकेले लड़ना पड़ सकता है

पिछले हफ्ते हूतियों ने यमन के पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के किनारे का बड़ा इलाका अपने कब्जे में ले लिया। सऊदी अरब को उम्मीद थी कि अमेरिका उसके साथ खड़ा होगा। लेकिन अमेरिका ने अब तक हूतियों के खिलाफ सऊदी के समर्थन में कोई सीधी सैन्य कार्रवाई नहीं की है।

अमेरिका ने जरूर कहा है कि हूतियों की गतिविधियां बाब अल-मंदब स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा हैं। अमेरिका पहले से ईरान के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है। ईरान हूतियों का समर्थन करता है। ऐसे में अगर अमेरिका यमन में सीधे उतरता है तो उस पर एक और सैन्य मोर्चे का दबाव बढ़ सकता है।

यमन में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए

यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ाई में पिछले चार हफ्तों में सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं। सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने यह दावा किया है।

संगठन के मुताबिक, इसी दौरान होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए। हूतियों ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच यमन सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने का फैसला किया है। सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते की हार को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल फिर से इलाके में लौटेंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m