राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) करनाल ने पशुपालन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए गाय की नई नस्ल 'करन-फ्रीज' लॉन्च की है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने संस्थान की सराहना की और विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा लंबे और गहन शोध के बाद तैयार की गई उन्नत गाय की सिंथेटिक नस्ल ‘करन-फ्रीज’ को देश के पशुपालकों के लिए जारी कर दिया गया है। करनाल पहुंचे राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने इस नई और गौरवपूर्ण नस्ल का आधिकारिक अनावरण कर इसे भारतीय किसानों को समर्पित किया। इस ऐतिहासिक मौके पर सांसद ने संस्थान की इस बड़ी वैज्ञानिक सफलता की जमकर सराहना की और इसके दूरगामी लाभों को रेखांकित किया। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए विभिन्न समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।
राम मंदिर पर विपक्ष को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद संजय भाटिया ने सनातन धर्म और राम मंदिर के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग सिर्फ दिखावे के लिए तिलक लगाते हैं और सनातन परंपराओं को दिल से नहीं मानते, उन्हें हिंदुत्व या प्रभु श्री राम के मंदिर पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने पुरानी घटनाओं का स्मरण कराते हुए याद दिलाया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर बेरहमी से गोलियां चलवाई गई थीं। सांसद ने आरोप लगाया कि आज राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी नेताओं द्वारा इस पवित्र विषय पर चर्चा करना सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहाने जैसा ढोंग है।
धान और बैंक घोटाले पर रुख
करनाल में सामने आए कथित धान घोटाले और बैंक धोखाधड़ी के मामलों पर बोलते हुए सांसद ने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी तत्व व्यवस्था में लापरवाही का फायदा उठाकर कागजों पर फर्जीवाड़ा करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। हाल ही में आईएएस अधिकारियों की गिरफ्तारी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि फाइलों पर हस्ताक्षर करने मात्र से हर अधिकारी का इरादा गलत नहीं हो जाता, क्योंकि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब बड़े पदों पर बैठे दोषियों के खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष जांच की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान का बचाव
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा आपातकाल (इमर्जेंसी) के दौर को लेकर दिए गए एक बयान पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सांसद भाटिया पूरी तरह उनके बचाव में नजर आए। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री केवल उस दमनकारी ऐतिहासिक कालखंड के वास्तविक अनुभवों और परिस्थितियों के विषय में बात कर रहे थे। उन्होंने विपक्षी खेमे और मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि मनोहर लाल के बयान के एक बेहद छोटे से हिस्से को मुख्य संदर्भ से पूरी तरह अलग करके सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।

