नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शनिवार 20 जून को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके(Abhijit Deepke) ने अपने समर्थकों से खास अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान अपने साथ एक थाली और चम्मच लाने का अनुरोध किया। वीडियो में दीपके ने कहा कि जो लोग दोपहर 1 बजे जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे हैं, वे अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आएं। उन्होंने कहा कि इसके पीछे का उद्देश्य लोग समझ सकते हैं।

थालीऔर चम्मचको क्यों चुना

नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शनिवार को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदर्शन को लेकर पार्टी ने समर्थकों से थाली और चम्मच लेकर पहुंचने की अपील की है। सीजेपी का कहना है कि थाली और चम्मच बजाकर वह सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना चाहती है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर समर्थकों से प्रदर्शन में अपने साथ थाली और चम्मच लाने का आग्रह किया था। थाली-चम्मच बजाने की यह अपील मार्च 2020 के उस घटनाक्रम की भी याद दिला रही है, जब कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फ्रंटलाइन वर्कर्स के प्रति आभार जताने के लिए ताली और बर्तन बजाने की अपील की थी। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से अपील की थी कि वे जनता कर्फ्यू के दौरान शाम 5 बजे पांच मिनट के लिए अपनी छतों, बालकनियों या खिड़कियों पर खड़े होकर कोरोना के खिलाफ काम कर रहे लोगों के प्रति आभार व्यक्त करें।

जंतरमंतर 2.0 से पहले PM को लिखा पत्र

नीट परीक्षा विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कई मांगें रखी हैं। यह पत्र उन्होंने जंतर-मंतर पर शनिवार को होने वाले छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से एक दिन पहले लिखा। दीपके ने पत्र में नीट विवाद के बीच आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। इसके साथ ही सीजेपी संस्थापक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग भी दोहराई। उन्होंने नीट परीक्षा विवाद को लेकर जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दीपके ने पत्र में कहा, “मैं भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूं ताकि आपका ध्यान एक ऐसे गंभीर संकट की ओर आकर्षित कर सकूं, जो हमारे देश के भविष्य तथा युवाओं के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।” पत्र में दीपके ने दावा किया कि हाल के दिनों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से पांच मामलों की जानकारी पिछले 48 घंटे में सामने आई है। उन्होंने कहा कि संभावित पुनर्परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता से छात्रों की चिंता और तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से नीट विवाद को लेकर त्वरित कदम उठाने और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय लेने की अपील की। इससे पहले दीपके ने नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और जवाबदेही तय करने की मांग भी दोहराई थी।

1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग

अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में दीपके ने प्रश्नपत्र लीक से जुड़े संकट से प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज की मांग रखी। दीपके ने पत्र में कहा कि कई परिवारों ने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए भारी शैक्षणिक ऋण लिया था। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की पढ़ाई पर परिवारों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी खर्च की, उनके निधन के बाद ये परिवार आर्थिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन स्थिति में पहुंच गए हैं।

उन्होंने नीट विवाद से प्रभावित छात्रों और परिवारों की समस्याओं का जिक्र करते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील की। दीपके ने दावा किया कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से पैदा हुए संकट ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। इसके साथ ही सीजेपी संस्थापक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्र इस मामले में जवाबदेही चाहते हैं। दीपके के मुताबिक, सीजेपी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग यह है कि नीट विवाद और इससे जुड़े नुकसान के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। सीजेपी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।

टेलीग्राम पर बैन, गड्ढे भरने की बजाय सड़क को बंद करने जैसा

नीट परीक्षा विवाद के बीच मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अस्थायी पाबंदी लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाए हैं। दीपके ने शुक्रवार को सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह समस्या का समाधान करने के बजाय उससे बचने जैसा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह “सड़क पर बने गड्ढों को भरने के बजाय उस मार्ग को ही बंद करने जैसा है।” गौरतलब है कि रविवार को दूसरी बार आयोजित होने वाली नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया था। इस कदम को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मूल समस्या पर कार्रवाई की जरूरत है।

6 जून को जंतरमंतर पर किया था पहला प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है। 20 जून को होने वाला यह प्रदर्शन पार्टी का दूसरा बड़ा विरोध-प्रदर्शन होगा। इससे पहले सीजेपी ने 6 जून को जंतर-मंतर पर नीट मामले को लेकर पहला प्रदर्शन किया था। पार्टी का कहना है कि वह परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। पिछले 14 दिनों के दौरान CJP कार्यकर्ताओं ने देश के कई शहरों में भी विरोध प्रदर्शन किए हैं। इनमें पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर समेत कई अन्य शहर शामिल हैं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई है। शनिवार को होने वाले प्रदर्शन के लिए उन्होंने समर्थकों से थाली और चम्मच लेकर पहुंचने की अपील भी की है।

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