लुधियाना . शिवसेना पर हुए हमले को लेकर बेहद माहौल गर्म हो गया है. इस नाराजगी का ऐसे आज पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भी नजर आया जब निहंग सिंह और शिवसेना नेता आमने-सामने हो गए. दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी की साथ ही हंगामा भी किया. हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों को शांत करवाकर वहां से खदेड़ा और लुधियाना को एक बड़े बवाल से बचा लिया.
खबर है कि , सोमवार को भारत नगर चौक स्थित फ्रेंड्स रेजीडेंसी के बाहर शिवसेना नेता की गाड़ी का शीशा तोड़ने के विरोध में मंगलवार को शिवसैनिकों ने चौड़ा बाजार से सीपी दफ्तर तक रोष मार्च निकाला था. शुरुआत में पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें गेट पर रोका, लेकिन बाद में चुनिंदा नेताओं की मुलाकात डीसीपी हरपाल सिंह से करवाई गई. जैसे ही शिवसेना नेता अफसरों से मीटिंग खत्म कर सीपी दफ्तर के मुख्य गेट से बाहर निकले, तो वहां पहले से ही कुछ निहंग सिंह खड़े थे.
दोनों पक्षों में बहस इतनी बढ़ी कि आमने सामनें आने के बाद बात और भी बढ़ सकती थी. मामला और न गंभीर हो इस स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने एक्शन लिया और दोनों पक्ष के लोगो को समझाइश दी. इसी दौरान पुलिस ने हिंदू नेताओं को सुरक्षा घेरे में लेकर वहां से रवाना किया. हिंदू नेताओं ने आरोप लगाया कि आज फिर से उनके नेताओं पर सोची-समझी साजिश के तहत हमला करने की तैयारी की गई थी.

सोशल मीडिया पर हुआ बवाल
आपको बता दें कि इस टकराव की शुरुआत सोमवार रात को ही तैयार हो गई थी, जब दोनों पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को खुलेआम चुनौतियां दी गईं. टंडन की कार पर हमला होने के बाद शिवसेना नेता भानू प्रताप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुला चैलेंज दिया था कि—हम ढाई बजे सीपी दफ्तर आ रहे हैं, तुममें दम है तो तुम भी वहां आ जाओ.
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