वीरेंद्र कुमार/नालंदा। बिहार के पू्र्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मंगलवार को हिलसा प्रखंड के केशवपुर गांव का दौरा चर्चा का केंद्र बन गया। हालांकि यह दौरा केवल 5 मिनट का था लेकिन इसके बावजूद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। पू्र्व मुख्यमंत्री यहां अकबरपुर पंचायत की दिवंगत पूर्व मुखिया स्वर्गीय ललिता देवी के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में शामिल होने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे।

​शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे नीतीश

​स्वर्गीय ललिता देवी, जदयू के वरिष्ठ नेता और हिलसा के पूर्व प्रमुख अनिल कुमार की पत्नी थीं। उनके आकस्मिक निधन के बाद आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में नीतीश कुमार की उपस्थिति ने परिवार के प्रति उनके जुड़ाव को प्रदर्शित किया। जैसे ही का काफिला केशवपुर पहुंचा पूरा माहौल भावुक हो गया। नीतीश कुमार ने दिवंगत ललिता देवी के तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

​प्रशासनिक अलर्ट और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

नीतीश कुमार के आगमन को देखते हुए हिलसा अनुमंडल प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। गांव से लेकर मुख्य मार्ग तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रही। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसे लेकर पूरे क्षेत्र की नाकेबंदी की थी। नीतीश कुमार के पहुंचने के कुछ समय पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कार्यक्रम स्थल को अपने नियंत्रण में ले लिया था।

​5 मिनट की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं में उत्साह

​नीतीश कुमार भले ही कार्यक्रम स्थल पर केवल 5 मिनट रुके, लेकिन उन्होंने अपनी संक्षिप्त मौजूदगी से स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का दिल जीत लिया। श्रद्धांजलि देने के बाद, उन्होंने उपस्थित जनसमूह और पार्टी कार्यकर्ताओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, हिलसा विधायक, और नगर परिषद के मुख्य पार्षद सहित जदयू के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा

​हालांकि यह दौरा पूरी तरह से निजी और शोक संवेदना व्यक्त करने तक सीमित था लेकिन नीतीश कुमार का नालंदा आगमन होते ही क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जानकारों का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री का अपने पुराने सहयोगियों के प्रति व्यक्तिगत लगाव उन्हें हर मुश्किल घड़ी में मजबूती प्रदान करता है। कार्यक्रम के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला पटना के लिए प्रस्थान कर गया।