Lifestyle Desk – सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस पूरे महीने में लाखों श्रद्धालु शिव भक्ति में लीन होकर सोमवार का व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का उपवास करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हालांकि, पूरे दिन उपवास रखने के दौरान कई लोगों को कमजोरी, थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होने लगती है। इसकी एक बड़ी वजह शरीर को पर्याप्त पोषण और प्रोटीन न मिल पाना है।

अक्सर यह धारणा होती है कि शरीर की प्रोटीन की जरूरत केवल मटन, चिकन या अंडे जैसे नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से ही पूरी हो सकती है, लेकिन पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि सही शाकाहारी विकल्पों को अपनाकर व्रत के दौरान भी शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है। यदि आप सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो कुछ पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपनी व्रत की थाली में शामिल करके दिनभर खुद को ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।
दूध और दूध से बनी चीजे
व्रत के दौरान सबसे अच्छा विकल्प दूध और उससे बने उत्पाद हैं। दूध, दही और पनीर प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। पनीर से बनी हल्की डिश या दही का सेवन शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दही पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में सहायक होता है, जिससे उपवास के दौरान पेट संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
मखाना
मखाना भी व्रत में खाया जाने वाला एक लोकप्रिय और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। भुने हुए मखाने या मखाने की खीर स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकती है। वहीं, मूंगफली भी प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत है। भुनी हुई मूंगफली या मूंगफली और दही का रायता व्रत के दौरान शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
सूखे मेवे
सूखे मेवे भी उपवास के दौरान बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। बादाम, अखरोट, काजू और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट, फाइबर और कई आवश्यक विटामिन पाए जाते हैं। सुबह या शाम की भूख लगने पर इनका सीमित मात्रा में सेवन शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है।
राजगीरा, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा
अगर आपके व्रत के नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो राजगीरा (अमरनाथ), कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी या चीला भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इनमें सामान्य आटे की तुलना में अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं और ये शरीर को ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही, फल जैसे केला, सेब, पपीता और अनार भी विटामिन, मिनरल्स और प्राकृतिक शुगर के अच्छे स्रोत हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं।
नारियल पानी, छाछ
इसके अलावा, नारियल पानी, छाछ और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाव होता है। ध्यान रखें कि व्रत के दौरान तली-भुनी चीजों और जरूरत से ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे सुस्ती और पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। अगर आप इस सावन सोमवार व्रत में संतुलित और प्रोटीन से भरपूर आहार अपनाते हैं, तो न केवल आपकी ऊर्जा पूरे दिन बनी रहेगी, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी मिलेगा। धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना ही एक सफल और स्वस्थ उपवास की पहचान है।


