रेणु अग्रवाल, धार। भोजशाला मां वाग्देवी मंदिर में अखिल भारतीय संत समिति के संयुक्त महासचिव राधे-राधे बाबा एवं महामंडलेश्वर नरसिंहदास महाराज के नेतृत्व में संतों का दल पहुंचा। मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना कर दर्शन किए तथा हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान संत समाज ने भोजशाला को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और पूजा के अधिकार की जीत बताया।

निर्णय से करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान

राधे-राधे बाबा ने कहा कि भोजशाला मामले में मिली सफलता 750 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद प्राप्त हुई एक ऐतिहासिक विजय है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय ने करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान किया है और इससे समाज में खुशी का माहौल है।

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भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

संतों ने कहा कि भोजशाला केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।
मीडिया से चर्चा करते हुए राधे-राधे बाबा ने कहा, भोजशाला तो अभी झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है। उनके इस बयान के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।

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