बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को बलिया में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्ववर्ती सपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में कथित भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, तुष्टिकरण की राजनीति और धार्मिक मुद्दों को लेकर सपा पर गंभीर आरोप लगाए।
मौलना के आरोपों पर पलटवार
बरेली वक्फ बोर्ड को लेकर एक मौलाना द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि मौलाना की बातें सही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों के दौरान वक्फ बोर्ड की करोड़ों रुपये की संपत्तियां सैकड़ों लोगों को बेच दी गईं। उनका दावा था कि इन संपत्तियों को सपा और कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने खरीदा और उनसे करोड़ों रुपये का लाभ कमाया। उन्होंने कहा कि कई लोग इन संपत्तियों पर होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित कर आज भी लाखों रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
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अखिलेश पर साधा निशाना
इसके बाद मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें भगवान राम और अयोध्या पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कभी अयोध्या नहीं गए और अब राजनीतिक कारणों से मंदिर जाने की बातें कर रहे हैं।
राजभर ने तंज कसते हुए कहा, “दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम। न कृष्ण के वंशज बन पाए और न भगवान राम के दर्शन कर पाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव तुष्टिकरण की राजनीति के कारण न तो अपनी परंपरा के अनुरूप आचरण कर पा रहे हैं और न ही धार्मिक आस्था को खुलकर स्वीकार कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे मौलानाओं को खुश करने की कोशिश में लगे हैं।
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आजकल अखिलेश चुनरी ओढ़कर घूम रहे
इटावा में केदारेश्वर मंदिर बनने के बाद अखिलेश यादव के अयोध्या जाने संबंधी बयान पर राजभर ने कहा कि मंदिर जाना अच्छी बात है, लेकिन केवल मंदिर जाने से पुराने कार्यों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल अखिलेश यादव चुनरी ओढ़कर घूम रहे हैं। जिस तरह राहुल गांधी समय-समय पर अपना राजनीतिक स्वरूप बदलते हैं, उसी तरह अखिलेश यादव भी समय के हिसाब से अपना रूप बदल रहे हैं।
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राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगों के समय प्रदेश अशांति की आग में जल रहा था, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सैफई महोत्सव में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में अपराधी खुलेआम सड़कों पर हथियार लहराते घूमते थे और कानून का भय समाप्त हो गया था।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। राजभर ने कहा कि प्रदेश की जनता पिछली और वर्तमान सरकार के कामकाज का अंतर अच्छी तरह जानती है और उसी आधार पर अपना निर्णय लेगी।

