लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को प्रयागराज में आयोजित विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में शामिल होने के लिए लखनऊ से प्रयागराज तक रेल मार्ग से यात्रा की। उनका यह कदम सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण में जिम्मेदारी निभाने का आह्वान

राज्यपाल के साथ प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ भी रेल यात्रा में मौजूद रहे। राजभवन के अनुसार, राज्यपाल का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग ईंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से सार्वजनिक परिवहन अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

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राज्यपाल इससे पहले भी कानपुर सहित अन्य कार्यक्रमों में रेल यात्रा कर सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने का संदेश दे चुकी हैं। उनका यह प्रयास ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के मितव्ययी उपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल माना जा रहा है।

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राज्यपाल की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, मेट्रो, बस और रेल जैसे सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग तथा अन्य ईंधन बचत उपाय अपनाने की अपील की है।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की रेल यात्रा को प्रधानमंत्री की इस मुहिम को मजबूती देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।