Noida protest, लखनऊ. नोएडा में श्रमिकों और कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा (Noida protest) को लेकर नोएडा पुलिस कमिश्नर ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक नोएडा में हिंसा के पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन (Noida violence Pakistani connection) सामने आया है. पाक से संचालित हैंडल से फैलाई अफवाह फैलाई गई थी. पाकिस्तानी हैंडल ने भड़काऊ पोस्ट वायरल किया था.

पुलिस के मुताबिक, नोएडा में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान से ऑपरेटेड दो ट्विटर हैंडल इस्तेमाल किए गए थे. प्राउड इंडियन और मीर इलयाज inc ट्विटर अकाउंट के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-20 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. एक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वीपीएन और आईपी एड्रेस मिले हैं.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा में छिपे 48 से ज्यादा यादव और मुस्लिम व्यक्ति भी पकड़े गए हैं, जो राजनीतिक दलों के एजेंडे पर अराजकता फैलाने, संपत्ति को नुकसान और लूट की तैयारी में थे. उपद्रव में बंगाल, बिहार, यूपी समेत विभिन्न राज्यों की महिलाएं भी शामिल थीं. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया.

अब तक क्या-क्या हुआ?

उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक, जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. कुल 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग ऐसे हैं, जो वास्तविक श्रमिक नहीं थे. आगजनी की घटना में चिन्हित 17 में से 11 को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 8 गैर-श्रमिक हैं. वहीं भड़काने के आरोप में 32 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 19 को गिरफ्तार किया गया.

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इसके अलावा 34 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है, जो श्रमिक नहीं होते हुए भी कथित आंदोलन में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे. साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, जिनके कथित तौर पर कुछ संगठित नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है. अब तक गिरफ्तार हुए लोग अर्बन नक्सल संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं.