पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा ‘सिंधु जल संधि’ (IWT) को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने से पाकिस्तान में गहरा जल संकट और बौखलाहट देखने को मिल रही है. इसी बौखलाहट में आए दिन कोई न कोई पाकिस्तान की तरफ से भारत को गीदड़भभकी देकर पाकिस्तानी जनता को तसल्ली दे रहा है. इसी कड़ी में पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि इस्लामाबाद उन ‘हाथों को काट देगा’ जो सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से पर दावा करने की कोशिश करेंगे.

भारत के सख्त रुख के बाद अब पाकिस्तान के नेताओं की ओर से लगातार तीखी बयानबाजी की जा रही है.  भारत की ओर से सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के फैसले से पाकिस्तान बुरी तरह बेचैन नजर आ रहा है.

आतंकवादियों के पालनहार पाकिस्तान ने फिर औकात से ज्यादा मुंह खोला है. बौखलाहट में पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत को धमकी भरे लहजे में हाथ काटने की चेतावनी दी है. मुसादिक मलिक ने कहा कि सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के मिलने वाले पानी को भारत रोकने की कोशिश कर रहा है.

मुसादिक की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 6 दशक से ज्यादा पुराने सिंधु जल समझौते (IWT) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहरा गया है. पहलगाम के कायराना आतंकी हमले के बाद से ही भारत ने साफ कर दिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता. 

भारत ने पहले पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर का दर्द दिया. इसके बाद सिंधु जल संधि को रद्द कर पाकिस्तान का हुक्का-पानी बंद कर दिया. अभी वर्तमान में पाकिस्तान की स्थिति बिन पानी मछली की बनी हुई है. ऐसे में पानी के एक एक बूंद के लिए तरसते पाकिस्तान ने एक और गीदड़ भभकी दी है.

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने दोहराया कि पाकिस्तान संधि के तहत अपने हिस्से के पानी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

आपको बताते चले की भारत ने सिंधु नदी का पूरा पानी नहीं रोका है. सच्चाई यही है कि आज भी सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों का जल प्रवाह पाकिस्तान की तरफ जा रहा है. असल में भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले सपोर्ट सिस्टम को खत्म कर दिया है. सिंधु जल समझौता 1960 में हुआ था.

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