हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पानीपत थर्मल पावर प्लांट को दिल्ली-NCR के प्रमुख SO₂ प्रदूषकों में शामिल बताते हुए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अनिवार्य FGD प्रणाली स्थापित न करने और नियमों के उल्लंघन की छूट सरकारी संयंत्रों को किसने दी।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पानीपत थर्मल पावर प्लांट को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पानीपत थर्मल पावर प्लांट दिल्ली-NCR के सबसे बड़े SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड) प्रदूषकों में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद अब तक अनिवार्य FGD (Flue Gas Desulphurisation) प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली स्थापित नहीं की गई है।

राव नरेंद्र सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब आम जनता से हर नियम का पालन करवाया जाता है, तो सरकारी बिजली संयंत्रों को कानून तोड़ने की छूट आखिर किसने दी है?

‘लाखों लोग भुगत रहे जहरीली हवा का खामियाजा’

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वायु प्रदूषण का सीधा असर हरियाणा और दिल्ली-NCR के लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बढ़ता प्रदूषण, सांस से जुड़ी बीमारियां और बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के नियम आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों पर सख्ती से लागू किए जाते हैं, लेकिन जब सरकारी बिजली संयंत्रों की बात आती है तो नियमों के पालन में इतनी देरी क्यों हो रही है।

सरकार से पूछा- स्वास्थ्य संकट की जिम्मेदारी कौन लेगा?

राव नरेंद्र सिंह ने सरकार से सवाल किया कि यदि प्रदूषण के कारण लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है और बच्चों व बुजुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली स्थापित करनी चाहिए और लोगों को जहरीली हवा से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि जनता से नियमों का पालन कराने वाली सरकार को पहले अपने सरकारी संयंत्रों को प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुरूप बनाना चाहिए। उन्होंने पानीपत थर्मल पावर प्लांट में FGD सिस्टम लगाने में हो रही देरी को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है।