पटना। ​बिहार की राजनीति में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में ललन सिंह द्वारा पप्पू यादव को विक्रम-बेताल कहे जाने पर सांसद ने कड़ा पलटवार किया है।

​राजनीतिक इतिहास और निर्दलीय चुनाव की चुनौती

​फेसबुक लाइव के माध्यम से पप्पू यादव ने ललन सिंह पर निशाना साधते हुए उनके राजनीतिक सफर पर सवाल उठाए। पप्पू यादव ने कहा जब ललन सिंह राजनीति में अपनी जगह तलाश रहे थे तब मैं 1990 में विधायक और 1991 में सांसद बन चुका था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ललन सिंह हमेशा दूसरों (लालू यादव, नीतीश कुमार जॉर्ज फर्नांडिस) के सहारे आगे बढ़े हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि ललन सिंह में वास्तव में दम है तो उन्हें किसी दल का सहारा लेने के बजाय एक बार निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखानी चाहिए।

​विकास कार्यों और एयरपोर्ट पर तकरार

​पूर्णिया दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री के निरीक्षण पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ललन सिंह मेडिकल कॉलेज के रुके हुए कार्यों के लिए फंड जारी करवाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एयरपोर्ट के मुद्दे पर सांसद ने दावा किया कि इसके लिए उन्होंने सालों तक संघर्ष किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सांसद न रहने के दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

​केंद्र सरकार और बुनियादी ढांचे पर निशाना

​पप्पू यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर सीमांचल के उपेक्षित विकास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों में केंद्र सरकार चाहती तो क्षेत्र को वंदे भारत और अमृत भारत जैसी सुविधाएं पहले ही मिल जातीं। पप्पू यादव ने दावा किया कि क्षेत्र की कई बुनियादी परियोजनाओं की शुरुआत उन्हीं के प्रयासों से हुई थी।

बिहटा मुंगेर और भागलपुर का मुद्दा

अंत में ललन सिंह को चुनौती देते हुए उन्होंने बिहटा एयरपोर्ट के लटके हुए काम और मुंगेर-भागलपुर में हवाई सेवा के अभाव पर घेरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ललन सिंह को मुंगेर का सांसद होने के नाते वहां से रोजाना विमान सेवा शुरू करवानी चाहिए अन्यथा ये दावे खोखले हैं। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और अपने क्षेत्र के विकास के लिए आवाज उठाते रहेंगे।