सोहराब आलम, मोतिहारी। हाल ही में संसद भवन परिसर में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा राम मंदिर चंदा को लेकर एक सांकेतिक प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के बाद से ही देश और खासकर बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। सांसद के इस कदम को लेकर विभिन्न हिंदूवादी संगठनों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में भी विरोध प्रदर्शन की यह आग पहुंच गई जहां हिंदू संगठनों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।
मोतिहारी के गांधी चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सांसद पप्पू यादव के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और उनके पुतले को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र और उससे जुड़े मुद्दों पर इस तरह की बयानबाजी या प्रदर्शन करना सीधे तौर पर सनातन धर्म और करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
प्रदर्शन के दौरान विहिप और बजरंग दल के प्रमुख नेताओं ने अपने संबोधन में दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि सनातन धर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए कुछ नेता जानबूझकर धार्मिक मुद्दों का अपमान कर रहे हैं जिसे हिंदू समाज कभी सहन नहीं करेगा।
विहिप के बिहार-झारखंड क्षेत्रीय प्रभारी अशोक श्रीवास्तव ने प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन में सांसद पप्पू यादव के डीएनए टेस्ट कराने की अजीबोगरीब मांग तक कर डाली। क्षेत्रीय प्रभारी ने कहा कि इस तरह के बयान देने वाले नेताओं की मानसिक स्थिति और उनकी पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी की धार्मिक आस्था पर इस तरह कुठारघात करने का दुस्साहस न कर सके।
कार्यकर्ताओं में भारी रोष और आगे की चेतावनी
मोतिहारी में हुए इस उग्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क नजर आया ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे। हालांकि प्रदर्शनकारियों के तेवर देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सांसद की ओर से इस मामले में माफी नहीं मांगी गई और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनके संगठन द्वारा राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। मोतिहारी के गांधी चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि राम मंदिर चंदा मामले पर शुरू हुआ यह विवाद अब बिहार की जमीनी राजनीति और सामाजिक संगठनों के बीच एक बड़ा टकराव का मुद्दा बनता जा रहा है।


