अतीश दीपंकर, भागलपुर। नगर निगम के कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। इनमें वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अन्य सभी अस्थायी कर्मचारियों का पूर्ण नियमितीकरण मुख्य रूप से शामिल है। इसके साथ ही, कर्मचारियों के विरोध से जुड़े जारी किए गए संकल्प आदेश और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को तुरंत वापस लेने की मांग सरकार के समक्ष लगातार उठाई जा रही है।
​इस संबंध में सरकार और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन विडंबना यह है कि अब तक किसी भी ठोस समाधान तक नहीं पहुंचा जा सका है। न तो सरकार और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए कोई संतोषजनक और ठोस निर्णय लिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप मजबूरन नगर निगम के सभी कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा है।

​आगे की चेतावनी:

​हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों को सरकार और प्रशासन द्वारा पूरी तरह से मान नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। शहर की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब प्रशासन पर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने का भारी दबाव बन गया है।