पटना। राजधानी पटना में व्यापारिक धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां चीनी सप्लाई के नाम पर कर्नाटक के एक कारोबारी से लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस मामले की जांच के लिए कर्नाटक पुलिस की एक विशेष टीम पटना पहुंची है। मौर्यालोक परिसर स्थित आरोपी के कार्यालय पर छापेमारी की गई लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी दफ्तर में ताला लगाकर फरार हो चुका था।

​3 करोड़ का सौदा और भुगतान की प्रक्रिया

​मामले की शुरुआत तब हुई जब कर्नाटक के एक चीनी व्यापारी का संपर्क पटना के मौर्यालोक परिसर में स्थित एक चीनी व्यवसायी से हुआ। दोनों के बीच चीनी की बड़ी खेप खरीदने-बेचने का व्यावसायिक समझौता हुआ था। समझौते की शर्तों के अनुसार माल की आपूर्ति से पूर्व ही कर्नाटक के कारोबारी ने लगभग 3 करोड़ रुपये की पूरी धनराशि पटना के व्यवसायी के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।

​वादों का जाल और धोखाधड़ी का अहसास

​भुगतान मिलने के बाद पटना के व्यवसायी ने शुरुआत में आपूर्ति का भरोसा दिलाया लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी चीनी की खेप नहीं भेजी गई। जब कर्नाटक के कारोबारी ने इस संबंध में पूछताछ की तो पटना का व्यवसायी बार-बार बहाने बनाता रहा और डिलीवरी में देरी के लिए अलग-अलग कारण गिनाता रहा। धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होने लगी कि कारोबारी के इरादे नेक नहीं हैं।

​संपर्क टूटने पर दर्ज हुआ मुकदमा

​जब लंबा समय बीत जाने के बाद भी माल नहीं मिला तो कर्नाटक के व्यवसायी ने फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों से संपर्क करने की पुरजोर कोशिश की। कुछ समय तक उसे केवल आश्वासन मिले लेकिन जल्द ही आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और कार्यालय से भी कोई ठोस जवाब मिलना बंद हो गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने कर्नाटक में प्राथमिकी दर्ज कराई।

​पुलिस की छापेमारी और जारी है तलाश

​मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक पुलिस की एक विशेष टीम पटना पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मौर्यालोक स्थित आरोपीके दफ्तर पर दबिश दी। हालांकि आरोपी को पहले ही पुलिसिया कार्रवाई की भनक लग गई थी जिसके कारण वह अपना दफ्तर बंद कर फरार होने में कामयाब रहा। वर्तमान में पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए शहर के तमाम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और मामले की सघन जांच जारी है।