पटना। जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र में एक BPSC शिक्षिका और छत्तीसगढ़ में तैनात CRPF जवान मंजीत के बीच का वैवाहिक विवाद अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। यह मामला केवल शादी से इनकार तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें अब एक NGO की संलिप्तता और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं।

​मुलाकात और इनकार की कहानी

​करीब 10 महीने पहले बख्तियारपुर की एक महिला मध्यस्थ ने दोनों परिवारों का परिचय कराया था। 5 सितंबर 2025 को पटना में दोनों की मुलाकात हुई। जवान की मां के अनुसार उन्होंने लड़की को देखा लेकिन रिश्ता पसंद न आने पर दो दिन बाद ही स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। परिजनों का दावा है कि इसके बाद शिक्षिका ने बायोडाटा से नंबर लेकर मंजीत को परेशान करना शुरू कर दिया और शादी के लिए दबाव बनाने लगीं।

​यौन शोषण और धमकियों का आरोप

​विवाद तब चरम पर पहुंच गया जब दो महीने पहले मंजीत की रिंग सेरेमनी हुई। इसके बाद शिक्षिका ने अथमलगोला थाना पहुंचकर जवान पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया। शिक्षिका का दावा है कि उसे अलग-अलग शहरों में ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए गए। दूसरी ओर, परिवार का आरोप है कि शिक्षिका ने थाने में ड्रामा किया और खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

​NGO पर समझौते के नाम पर 5 लाख मांगने का आरोप

​जवान के परिवार का आरोप है कि महिला सुरक्षा संगठन परिषद की रूही सिंह शिक्षिका के साथ उनके घर आई। कथित तौर पर रूही ने पांच लाख रुपये की मांग की जिसके बदले मामला रफा-दफा करने का वादा किया गया। पैसे देने से इनकार करने पर जवान का करियर बर्बाद करने और उसे जेल भिजवाने की धमकी दी गई। पुलिस अब रूही सिंह की भूमिका की जांच कर रही है जिसके खिलाफ पहले भी मुंगेर में रंगदारी के मामले दर्ज हैं।

​जांच का दायरा बढ़ा

​इस मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। मध्यस्थ महिला का दावा है कि शिक्षिका ने उन्हें पहचानने से भी इनकार कर दिया। वहीं मामले की जांच करने वाले निलंबित एएसआई अंजनी कुमार सिंह ने भी दावा किया था कि शिक्षिका सात लाख रुपये लेकर समझौता करने के लिए तैयार थी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों साक्ष्यों और कथित रिकॉर्डिंग्स की बारीकी से जांच कर रही है। अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन इस जटिल मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।