बिहार की राजधानी पटना में डेंगू का डंक तेजी से अपना असर दिखाने लगा है। लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह जलभराव के कारण शहर में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर डेंगू के 10 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही इस साल (जनवरी से अब तक) कुल मरीजों का आंकड़ा 131 तक पहुंच गया है।
महीनेवार आंकड़ों की स्थिति
शहर में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस वर्ष संक्रमण की स्थिति इस प्रकार रही है:
- जनवरी से जून: 44 मामले
- जुलाई: 26 मामले
- अगस्त: 61 मामले
- कुल योग (इस वर्ष): 131 मरीज
- विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में जमा हुआ साफ पानी एडीज मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है।
प्रशासनिक दावे बनाम जमीनी हकीकत
प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के दावों के बीच जमीन पर स्थिति काफी अलग नजर आ रही है।
- सिविल सर्जन का दावा: सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल का कहना है कि नगर निगम के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है। साथ ही डेंगू मरीजों के घरों के आसपास लार्वीसाइड का सघन छिड़काव भी किया जा रहा है।
- पार्षद के सवाल: वार्ड 48 के पार्षद इंद्रदीप चंद्रवंशी ने प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल बैनर-पोस्टर लगाने से डेंगू नहीं रुकेगा। जमीनी स्तर पर छिड़काव में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
- मरीजों की जुबानी: कंकड़बाग के पीड़ित संजीव और कुर्जी बालूपर के रोहित राज ने बताया कि उनके इलाकों में न तो फॉगिंग हो रही है और न ही एंटी-लार्वा की टीम छिड़काव के लिए पहुंची है।
डॉक्टरों की सलाह: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
आईजीआईएमएस के डॉ. गोविंद कुमार के अनुसार, डेंगू के प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में ऐंठन, मतली, अत्यधिक कमजोरी और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं।
सावधानियां:
- लक्षण दिखते ही तुरंत खून की जांच करवाएं और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा का सेवन न करें।
- डेंगू की स्थिति में एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी पेनकिलर दवाएं बिल्कुल न लें, क्योंकि इससे ब्लीडिंग (खून बहने) का खतरा काफी बढ़ जाता है।
बचाव के उपाय
एडीज मच्छर आमतौर पर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। इससे बचने के लिए अपने घरों में रखे कूलर, गमले, बाल्टी, छत पर पड़े पुराने बर्तन, टायर और आसपास के छोटे-छोटे गड्ढों में पानी जमा न होने दें और उन्हें समय-समय पर साफ करते रहें।

