पटना में आज गणेश चतुर्थी का महापर्व बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र मंडल की तरफ से इस बार भी शहर में एक भव्य और आकर्षक आयोजन किया गया है। दस दिनों तक चलने वाले इस गणेशोत्सव को लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
मदुरई के मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर सजा भव्य पंडाल
इस बार पटना में गणेश उत्सव का मुख्य आकर्षण मदुरई के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया विशाल पंडाल है। महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले ने जानकारी दी कि मुंबई से आए 12 कुशल कारीगरों ने पिछले एक महीने की कड़ी मेहनत से इस अद्भुत पंडाल को आकार दिया है। पंडाल के अंदर की भव्य सजावट भी मंदिर के मूल स्वरूप के अनुरूप ही की गई है, जो देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर रही है। इसके साथ ही कोलकाता के चंदन नगर की प्रसिद्ध लाइटिंग और बंगाल से मंगाए गए ताजे फूलों से पूरे आयोजन स्थल को सजाया गया है।
मुंबई से आई लालबाग के राजा की प्रतिमा और 55 लाख का मुकुट
पंडाल में मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा की तर्ज पर साढ़े पांच फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जिसे विशेष रूप से मुंबई से मंगाया गया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार साढ़ू मिट्टी से निर्मित यह प्रतिमा पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ शास्त्रों में सबसे शुभ और उत्तम मानी जाती है क्योंकि इसमें पंच तत्वों (पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश) का पूर्ण समावेश होता है। इस प्रतिमा को और अधिक अलौकिक बनाने के लिए भगवान गणेश को हीरा, पन्ना और माणिक से जड़ित 55 लाख रुपये मूल्य का सोने का मुकुट पहनाया जाएगा।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान
उत्सव के पहले दिन आज सुबह 10:30 बजे से विधि-विधान के साथ पूजा और प्राण-प्रतिष्ठा का शुभारंभ होगा। महाराष्ट्र के सांगली से आए प्रशांत जागीरदार के नेतृत्व में पांच पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। इस पवित्र अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन दोपहर 12:15 बजे और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शाम के समय पंडाल में पहुंचकर बप्पा का आशीर्वाद लेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य का संचार हो। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहले दिन भगवान गणेश को 501 मोदक का भव्य भोग लगाया जाएगा और इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व प्रसाद वितरण शुरू हो जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और नासिक के झांझ पथक के साथ विसर्जन जुलूस
दस दिनों तक चलने वाले इस गणेशोत्सव के दौरान कई रंगारंग और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी 16 सितंबर को बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, 18 सितंबर की शाम को पारंपरिक हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम होगा, जिसमें महिलाएं गणेश जी को हल्दी-कुमकुम अर्पित कर आपसी सौहार्द का उत्सव मनाएंगी। इसके बाद 20 सितंबर को सुबह 11 बजे महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा और फिर भव्य गणपति विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। इस विसर्जन जुलूस में नासिक से आ रही 60 सदस्यीय झांझ पथक टीम (40 लड़के और 20 लड़कियां) पारंपरिक वाद्य यंत्रों और कलाबाजियों के साथ अपनी प्रस्तुतियां देंगी, जो उत्सव के इस पावन पर्व को एक यादगार विदाई देंगी।



