कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजधानी के लोक भवन में आज ‘महाराष्ट्र दिवस’ का भव्य और गौरवपूर्ण आयोजन किया गया। इस विशेष सांस्कृतिक और राजनीतिक समागम में हिस्सा लेने के लिए महाराष्ट्र के कला एवं संस्कृति मंत्री आशीष शेलार विशेष रूप से पटना पहुंचे। जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने इस आयोजन के गहरे राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह आयोजन सिर्फ दो राज्यों का मिलन नहीं, बल्कि देश की अखंडता का एक जीवंत प्रतीक है।
’एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास
हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सोच हमेशा से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की रही है। आज का यह ऐतिहासिक कार्यक्रम इसी महान और दूरदर्शी सोच के तहत आयोजित किया जा रहा है। शेलार ने जोर देकर कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान से विभिन्न राज्यों के नागरिकों के बीच आपसी समझ, स्नेह और सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार: ‘देश एक है और एकता बनी रहनी चाहिए’
आशीष शेलार ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने मुझे विशेष तौर पर बिहार भेजकर इस गरिमामयी कार्यक्रम का हिस्सा बनने का जो सुनहरा मौका दिया है, उसके लिए मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने देशवासियों को एकजुटता का संदेश देते हुए बेहद संजीदगी के साथ कहा कि हमारा पूरा देश एक है, हमारी आत्मा एक है और इस देश की एकता व अखंडता हर हाल में हमेशा बनी रहनी चाहिए।
बिहार और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक सेतु का निर्माण
पटना के लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार और महाराष्ट्र के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को नया आयाम देना है। आयोजन में दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों, लोक नृत्यों और कला रूपों का प्रदर्शन किया गया, जिसने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि भौगोलिक दूरियों के बावजूद, दोनों राज्यों के लोगों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान की भावना मौजूद है।

