फुलवारी शरीफ। पटना के फुलवारी शरीफ इलाके में सोमवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। तेज रफ्तार बुलेट बाइक और पैदल यात्री के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार युवक और सड़क पार कर रहे बुजुर्ग, दोनों की जान चली गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।

​कैसे हुआ हादसा?

​मिली जानकारी के अनुसार फुलिया टोला का निवासी 19 वर्षीय विशाल कुमार अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से खगौल की ओर जा रहा था। इसी दौरान, सैदपुर के रहने वाले 59 वर्षीय राजू राम सड़क पार कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक की गति तेज थी जिसके कारण विशाल अपना संतुलन खो बैठा और उसने सीधे राजू राम को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार विशाल भी दूर जा गिरा।

​एम्स में तोड़ा दम

​हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए पटना एम्स ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की लेकिन सिर और शरीर के आंतरिक हिस्सों में गहरी चोट लगने के कारण दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​पोस्टमॉर्टम को लेकर पुलिस और परिजनों में ठनी

​घटना के बाद एक नई कानूनी उलझन तब खड़ी हो गई जब मृतकों के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों की जिद के कारण पटना एम्स स्थित टीओपी थाना परिसर में घंटों गहमागहमी बनी रही। पुलिस का तर्क था कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमॉर्टम अनिवार्य है और इसके बिना शव सौंपना नियमों के विरुद्ध है।

​थाना प्रभारी के हस्तक्षेप से निकला हल

​जब मामला नहीं सुलझा तो टीओपी पुलिस ने परिजनों को फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी से संपर्क करने की सलाह दी। फुलवारी शरीफ थाना पहुंचने पर भी काफी देर तक पुलिस और परिजनों के बीच बहस चली। अंततः थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम ने दोनों पक्षों के परिजनों से लिखित आवेदन लिया। प्रभारी ने बताया कि परिजनों के अड़े रहने और संवेदनशीलता को देखते हुए, लिखित आवेदन के आधार पर बिना पोस्टमॉर्टम कराए शवों को परिजनों को सौंपने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय आधार और परिजनों की सहमति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।