पटना। जिले के पुनपुन प्रखंड अंतर्गत समकुड़ा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक साधारण से कच्चे घर से 40 से अधिकजहरीले कोबरा सांप निकले। यह घटना शंभू प्रसाद के परिवार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी लेकिन समय रहते उठाए गए कदमों से एक बड़ा हादसा टल गया।
दहशत की शुरुआत और सांपों का डेरा
घटना का खुलासा तब हुआ जब शंभू प्रसाद के बेटे बंटी कुमार ने तीन दिन पहले रात के समय घर के भीतर एक सांप देखा। शुरुआती घंटों में कुछ और सांप दिखाई देने पर परिवार में दहशत फैल गई। डर के मारे ग्रामीणों की मदद से शुरुआती तौर पर कुछ सांपों को मार दिया गया, लेकिन उनकी लगातार मौजूदगी से यह स्पष्ट हो गया कि घर के भीतर ही उनका कोई बड़ा बसेरा है।
सपेरे का सफल और सुरक्षित ऑपरेशन
सांपों के लगातार निकलने से आश्वस्त होकर परिवार ने एक विशेषज्ञ सपेरे को मदद के लिए बुलाया। सपेरे ने जब घर की मिट्टी की दीवारों की बारीकी से जांच की, तो अंदर का नजारा हैरान करने वाला था। दीवार के भीतर सांपों ने अपना डेरा जमा रखा था। सपेरे ने धैर्य और कुशलता का परिचय देते हुए एक-एक करके छोटे-बड़े सांपों और उनके बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। देखते ही देखते 40 से अधिक कोबरा सांपों को प्लास्टिक के डिब्बों में सुरक्षित कैद कर लिया गया।
रेस्क्यू देखने उमड़ी भीड़
इतनी बड़ी संख्या में कोबरा निकलने की खबर जंगल की आग की तरह आसपास के गांवों में फैल गई। रेस्क्यू अभियान को अपनी आंखों से देखने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण शंभू प्रसाद के घर के बाहर जुट गए। सभी इस बात को लेकर आश्चर्यचकित थे कि इतने जहरीले सांपों के बीच परिवार सुरक्षित कैसे रहा।
सतर्क हुआ पूरा गांव
इस घटना ने पूरे इलाके को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। गांव के अन्य निवासियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने कच्चे और खपरैल घरों की गहन साफ-सफाई शुरू कर दी है। हालांकि, इस पूरी घटना में सबसे सुखद पहलू यह रहा कि घर में 40 से अधिक सांप होने के बावजूद परिवार के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वर्तमान में यह घटना पूरे पुनपुन क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग पुरानी दीवारों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।

