पटना। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत ‘स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26’ का शंखनाद हो चुका है। इस बार पटना नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है और उसका लक्ष्य न केवल अपनी रैंकिंग में सुधार करना है, बल्कि गार्बेज फ्री सिटी (GFC) कैटेगरी में 5-स्टार रेटिंग हासिल करना भी है। निगम प्रशासन को इस बार देश के टॉप-20 स्वच्छ शहरों में शुमार होने की प्रबल उम्मीद है।

​सिटिजन फीडबैक: अब 1000 अंकों का होगा खेल

​इस वर्ष के सर्वेक्षण की सबसे बड़ी विशेषता नागरिकों की भागीदारी है। सर्वेक्षण के कुल 12,500 अंकों में से सिटिजन फीडबैक के महत्व को दोगुना कर दिया गया है। पहले इसके लिए 500 अंक निर्धारित थे, जिसे अब बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नागरिक 13 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे रहे हैं, जो शहर की जमीनी सफाई व्यवस्था का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड तय करेंगे।

​मूल्यांकन और सर्टिफिकेशन का रोडमैप

​स्वच्छता का पैमाना इस बार 10 मुख्य सेक्शन और 166 सब-इंडिकेटर्स पर आधारित है। अंकों का विभाजन कुछ इस प्रकार है:

  • ​फील्ड असेस्मेंट: 10,500 अंक
  • ​GFC (गार्बेज फ्री सिटी): 1,000 अंक
  • ​ODF और वाटर प्लस: 1,000 अंक
  • ​मई महीने में GFC और ODF सर्टिफिकेशन के लिए केंद्रीय टीम द्वारा मूल्यांकन शुरू होने की संभावना है। विशेष बात यह है कि पटना को ‘वाटर प्लस’ का दर्जा पहले ही मिल चुका है, जो स्वच्छता मानकों में एक बड़ी उपलब्धि है।

​शौचालयों की निगरानी और जमीनी तैयारी

​फील्ड असेस्मेंट टीम के दौरे को देखते हुए निगम प्रशासन बेहद सतर्क है। शहर के 53 प्रमुख शौचालयों की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। वार्ड स्तर पर इनका विवरण इस प्रकार है:

  • ​नूतन राजधानी अंचल: 19 शौचालय
  • ​पाटलिपुत्र अंचल: 11 शौचालय
  • ​बांकीपुर अंचल: 10 शौचालय
  • ​कंकड़बाग अंचल: 7 शौचालय
  • ​अजीमाबाद और पटना सिटी: 2-2 शौचालय

​नवाचार: बर्तन बैंक और RRR सेंटर की भूमिका

​अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पटना नगर निगम ने कई अनूठी पहल की हैं। ‘बर्तन बैंक’ के माध्यम से आयोजनों में डिस्पोजेबल प्लास्टिक के उपयोग को रोका जा रहा है। साथ ही, ‘नेकी की दीवार’ (कपड़ों के लिए), ‘थैला बैंक’ और ‘खिलौना बैंक’ जैसे प्रोजेक्ट्स जनता के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल (RRR) थीम को बढ़ावा देने के लिए सभी अंचलों में विशेष सेंटर कार्य कर रहे हैं।

​पिछला प्रदर्शन और आगामी लक्ष्य

​पिछले सर्वेक्षण (10 लाख से अधिक आबादी) में पटना ने 44 शहरों में 21वां स्थान प्राप्त किया था, जबकि गंगा किनारे बसे शहरों में यह चौथे स्थान पर रहा था। पिछले साल की 3-स्टार रेटिंग को इस बार 5-स्टार में बदलने के लिए निगम पूरी ताकत झोंक रहा है।