शशांक द्विवेदी, खजुराहो। खजुराहो में महाराजा छत्रसाल की 378 वीं जयंती के अवसर पर एक विशाल शोभा यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें फूलन देवी की हत्या करने वाले राष्ट्रीय जनलोक पार्टी के नेता पंकज सिंह पुंडीर जो मुख्यतः शेर सिंह राणा के नाम से जाने जाते हैं, उपस्थित हुए।
मीडिया से बात करते हुए शेर सिंह राणा ने कहा कि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड के संस्थापक हैं। पूर्वज और महान योद्धा को किसी जाति या वर्ग के साथ बाँटना, उनके साथ अन्याय है, क्योंकि वो हम सबके ही मानपूर्वक हैं। चाहे बाबा साहब अम्बेडकर हो, चाहे छत्रसाल हो, चाहे शिवाजी हो, महाराणा प्रताप हो, किसी भी समाज का व्यक्ति हो, सबको जिसने भी इस देश के लिए राज्य के लिए कुछ किया है उनका सबको सम्मान करना चाहिए। समाज को जाति और वर्गों में बाटने में सरकार का भी बहुत बड़ा रोल है। हर योजना जाति के आधार पर लागू करते हैं। दुर्भाग्य है कि आज भाजपा की सरकार है जो नारा देती है, बंटोगे तो काटोगे। अभी आपने देखा की यू जी सी में कई नए रूल्स रेगुलेशन आये उसकी अभी आवश्यकता नहीं थी। किसी भी संस्थान में एक छात्र दोस्ती जाति देखकर नहीं करता,भाजपा और जो मोदी है वो जाति के नाम पर बंटवारा कर रही है।
बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार को बताया एंटी-इनकम्बेसी
बंगाल चुनाव में टीएमसी की करारी हार को लेकर शेर राणा ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि बहुत लंबे समय से ममता बनर्जी वहाँ पर सरकार बना रही थी। वो इतने लंबे वर्ष के बाद जो समाज है वो थोड़ा बदलाव भी चाहता है और यह प्रकृति का नियम है ,आज मोदी जी को थर्ड टाइम शुरू हुआ है तो आप देख रहे होंगे कि जो फर्स्ट में जो लोगों की एक्सपेक्टेशन थी वो आज नहीं है। लोगो की जो आशाएं होती हैं किसी भी सरकार से वो फिर पूरी नहीं होती है तो लोगों में थोड़ी नाराजगी भी आती हैं। ममता बनर्जी जो है उनके साथ भी शायद इस बार यही हुआ है कि लोगों ने सोचा की थोडा चेंज करके देखते हैं काफी पंद्रह 20 सालों से वो लोग राज कर रहे।
आपको बता दें कि शेर सिंह राणा ने 25 जुलाई 2001 को दिल्ली में पूर्व डाकू और तत्कालीन सांसद फूलन देवी की गोली मारकर हत्या की थी। यह हत्या 1981 के बेहमई हत्याकांड का बदला लेने के लिए की गई थी, जिसमें फूलन देवी ने 22 ठाकुरों की हत्या की थी। इस अपराध के लिए राणा को उम्रकैद की सजा मिली थी।

