कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को चेन्नई दौरे के दौरान NEET परीक्षा से जुड़े पीड़ित छात्रों और जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी नहीं, बल्कि उनसे जवाब और जिम्मेदारी चाहिए। राहुल ने NEET पेपर लीक और परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और भाजपा की कड़ी आलोचना की।

NEET पीड़ित परिवारों से मिले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द सबसे बड़ा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक के बाद प्रधानमंत्री न तो पीड़ित परिवारों से मिले और न ही उन छात्रों से बातचीत की, जिनका भविष्य इस विवाद से प्रभावित हुआ।

X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि छात्रों को सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि जवाबदेही की जरूरत है। उनका कहना था कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

पीएम मोदी के ‘माफी’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया

राहुल गांधी की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद आई है। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात जारी एक वीडियो संदेश में कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुछ बच्चों ने उन्हें और उनकी मां को अपशब्द कहे, लेकिन वह उन बच्चों को माफ करते हैं क्योंकि बचपन गलतियों से सीखने का समय होता है। राहुल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों को माफी की नहीं, बल्कि उनके सवालों के जवाब और न्याय की आवश्यकता है।

परिसीमन पर BJP को घेरा

चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने परिसीमन के मुद्दे पर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन तमिलनाडु की राजनीतिक हिस्सेदारी को कमजोर करने की साजिश है।

राहुल गांधी ने कहा कि यह राज्य के मताधिकार और भविष्य पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग परिसीमन का समर्थन कर रहे हैं, वे तमिलनाडु के हितों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।

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